facebookmetapixel
Gold, Silver Price Today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, तेज शुरुआत के बाद दबाव में सोनासरकार ने तैयार की 17 लाख करोड़ रुपये की PPP परियोजना पाइपलाइन, 852 प्रोजेक्ट शामिल₹50 लाख से कम की लग्जरी SUVs से मुकाबला करेगी महिंद्रा, जानिए XUV 7XO में क्या खासकम महंगाई का फायदा: FMCG सेक्टर में फिर से तेजी आने वाली है?CRED के कुणाल शाह ने जिस Voice-AI स्टार्टअप पर लगाया दांव, उसने जुटाए 30 लाख डॉलरकंटेनर कारोबार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, कानून में ढील का प्रस्तावसुधार नहीं है नुकसान की भरपाई करनासेवा क्षेत्र की रफ्तार थमी, PMI 11 महीने के निचले स्तर पर फिसलाजीएसटी घटने से बढ़ी बैंकों से ऋण की मांगअच्छा माहौल, बिक्री वृद्धि की आस; बैंकों में कारोबार बढ़ाने पर जोर

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के लिए मस्क, TATA, मित्तल और Amazon एक तरफ, अंबानी दूसरी तरफ

पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मस्क ने 21 जून को कहा कि वह भारत में स्टारलिंक की शुरुआत करना चाहते हैं।

Last Updated- June 25, 2023 | 4:05 PM IST
Musk, TATA, Mittal and Amazon on one side, Ambani on the other for satellite spectrum

एलन मस्क चाहते हैं कि उनका स्टारलिंक (Starlink) पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों से भारत में वायरलेस इंटरनेट को प्रसारित करे। हालांकि, उनका समूह जिस लाइंसेस व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, उसके चलते उन्हें मुकेश अंबानी की रिलायंस के साथ मुकाबला करना पड़ सकता है।

पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मस्क ने 21 जून को कहा कि वह भारत में स्टारलिंक की शुरुआत करना चाहते हैं। इस सेवा की मदद से बुनियादी ढांचे की कमी वाले दूरदराज के गांवों में इंटरनेट को पहुंचाया जा सकता है। स्टारलिंक चाहता है कि भारत सिर्फ सेवा के लिए लाइसेंस दे और सिग्नल वाले स्पेक्ट्रम या एयरवेव्स की नीलामी पर जोर न दे।

मस्क का यह रुख TATA, सुनील भारती मित्तल और Amazon से मेल खाता है। दूसरी ओर अंबानी की रिलायंस का कहना है कि विदेशी उपग्रह सेवा प्रदाताओं के वॉयस और डेटा सेवाएं देने के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी होनी चाहिए। रिलायंस का कहना है कि पारंपरिक दूरसंचार कंपनियों को समान अवसर देने के लिए ऐसा करना जरूरी है, जो सरकारी नीलामी में खरीदे गए एयरवेव्स का उपयोग करके ऐसी ही सेवाएं देते हैं।

ब्रोकरेज कंपनी CLSA ने एक टिप्पणी में कहा, ‘भारत की अंतरिक्ष-आधारित संचार सेवा (SS) के लिए स्पेक्ट्रम निर्णय महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2010 से 77 अरब अमेरिकी डॉलर के मोबाइल स्पेक्ट्रम की नीलामी की है और कई कंपनियां SS के लिए उत्सुक हैं।’

CLSA ने कहा कि स्टारलिंक सहित कई कंपनियां भारतीय SS के लिए उत्सुक हैं। टिप्पणी में कहा गया है कि Amazon, TATA, भारती एयरटेल समर्थित वनवेब और लार्सन एंड टुब्रो नीलामी के खिलाफ हैं, जबकि रिलायंस जियो और वोडाफोन-आइडिया भारत SS नीलामी का समर्थन करते हैं।

First Published - June 25, 2023 | 4:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट