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केंद्रीय करों में बढ़े राज्य की हिस्सेदारी: मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी मध्य प्रदेश का बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का है जिसे अगले पांच सालों में बढ़ाकर दोगुना करने की योजना है।

Last Updated- March 07, 2025 | 11:58 AM IST
MP CM Mohan Yadav
Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav

मध्य प्रदेश सरकार ने मांग की है कि केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी को मौजूदा 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 फीसदी किया जाए। प्रदेश ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की आय में रिजर्व बैंक और सरकारी उपक्रमों के लाभांश और सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण से होने वाली आय भी शामिल है। इसमें राज्यों की हिस्सेदारी निर्धारित की जानी चाहिए। अभी यह केंद्र और राज्यों के बीच में नहीं बांटा जाता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के साथ बैठक में कहा राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए काम कर रहे हैं ऐसे में केंद्र से अधिक वित्तीय अनुदान उनके लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने आयोग को प्रदेश की अपेक्षाओं से अवगत कराते हुए यह भी कहा कि स्थानीय निकायों को यह स्वतंत्रता प्रदान की जानी चाहिए कि वे उन्हें मिलने वाले अनुदान को अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर खर्च कर सकें।

प्रदेश सरकार ने अपनी प्रस्तुति में यह भी कहा कि सरकारी कंपनियों और सरकारी बैंकों को राज्य सरकार निशुल्क या रियायती दरों पर जमीन और अन्य संसाधन मुहैया कराती है इसलिए इनसे हासिल होने वाले लाभांश में भी राज्यों की हिस्सेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी मध्य प्रदेश का बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का है जिसे अगले पांच सालों में बढ़ाकर दोगुना करने की योजना है।

यादव ने आयोग को प्रदेश की रिवर लिंक योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर काम किया है। केंद्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना के लिए 90,000 करोड़ रुपये की राशि दी है। केन-बेतवा रिवर लिंक योजना के लिए उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम किया जा रहा है जबकि महाराष्ट्र के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम हो रहा है।’

16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इस मौके पर कहा कि बड़े राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ प्रदेश और देश की प्रगति के लिए औद्योगिक विकास भी आवश्यक है।

First Published - March 7, 2025 | 11:58 AM IST

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