facebookmetapixel
Advertisement
Micron का प्लांट 28 फरवरी से होगा चालू, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन; चिप उत्पादन में बढ़ेगा भारत का रुतबाआईटी शेयरों का 17.5 साल में सबसे कमजोर प्रदर्शन, शेयर बाजार डगमगाया; लगातार तीसरे महीने गिरावटनई जीडीपी सीरीज का असर: वृद्धि दर 7.6% रहने की आस; नॉमिनल आधार घटा4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगी अर्थव्यवस्था: CEA वी. अनंत नागेश्वरननई जीडीपी सीरीज में कृषि की रफ्तार सुस्त, FY26 में वृद्धि घटकर 2.4% रहने का अनुमानFY26 के लिए राजकोषीय घाटा बढ़कर 4.5% और ऋण जीडीपी अनुपात 58% होगाजीडीपी संशोधन सही कदम कई सवालों के जवाब बाकी: प्रणव सेनखपत मांग पटरी पर लौटने के संकेत, FY26 में PFCE बढ़कर 7.7% रहने का अनुमान; सरकारी व्यय स्थिरEditorial: क्या सब्सिडी की राजनीति देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है?पुलिस बनाम पुलिस विवाद के बीच सियासत गरम: सुक्खू सरकार के लिए संकट में अवसर?

कॉरपोरेट बॉन्ड निर्गमों में 15-20 फीसदी वृद्धि के आसार, नवंबर में भी रहेगी तेजी

Advertisement

प्राइम डेटाबेस के आंकड़े के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में कंपनियों और बैंकों ने अक्टूबर 2023 तक 5.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए

Last Updated- November 08, 2023 | 10:39 PM IST
Bonds
Representative Image

चालू वित्त वर्ष के दौरान अक्टूबर तक कॉरपोरेट बॉन्ड निर्गमों में पिछले वित्त वर्ष की समान अव​धि के मुकाबले 45 प्रतिशत तक की तेजी आई है। बाजार को यह तेजी बरकरार रहने का अनुमान है और पूरे चालू वित्त वर्ष के लिए कॉरपोरेट बॉन्ड निर्गम में पिछले साल की तुलना में न्यूनतम 15-20 प्रतिशत तेजी दर्ज की जा सकती है।

प्राइम डेटाबेस के आंकड़े के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में कंपनियों और बैंकों ने अक्टूबर 2023 तक 5.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जबकि इससे अक्टूबर, 2022 तक यह आंकड़ा 3.7 लाख करोड़ रुपये था।

जेएम फाइनैं​शियल के प्रबंध निदेशक अजय मंगलूनिया ने कहा, ‘चूंकि तरलता को लेकर हालात सख्त बने हुए हैं और कॉरपोरेट बॉन्डों पर दरें कम हैं, इसलिए हम ज्यादा तादाद में लोगों को कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार की तरफ रुख करते देख रहे हैं। हम देख सकते हैं कि रिलायंस बाजार से 20,000 करोड़ रुपये की उधारी के लिए आगे आई है, जो पिछले 2-5 साल में बाजार में देखने को नहीं मिला था। हम इस साल कॉरपोरेट बॉन्ड निर्गम में कम से कम 15-20 प्रतिशत तेजी देख सकते हैं।’

एएए रेटिंग के कॉरपोरेट बॉन्डों पर प्रतिफल सभी समय अव​धियों में नवंबर के पहले सप्ताह में 7 आधार अंक तक घट गया था।

Also read: Closing Bell: शेयर बाजार फ्लैट, Sensex 33 अंक चढ़ा, Nifty 19,450 के नीचे

इस बीच, इन विकल्पों से उधारी की बढ़ती लागत की वजह से कॉरपोरेट बॉन्डों के जरिये कोष उगाही अक्टूबर में 40 प्रतिशत तक घट गई थी। निवेशकों ने अनि​श्चितता की वजह से कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार पर बड़े दांव लगाने से परहेज किया और सरकारी बॉन्ड बाजार की ओर रुख किया।

चालू वित्त वर्ष में बॉन्ड निर्गमों में तेजी की मुख्य वजह थी विलय से पहले जून ​तक एचडीएफसी द्वारा बड़ी उधारी। इससे बॉन्ड बाजार में उत्साह पैदा हुआ जो अगले कई महीनों तक बना रहा। बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल की वजह से जुलाई में बाजार में कमजोरी के बावजूद, तरलता समाप्त होने पर बाजार में फिर से तेजी आई।

बाजार को नवंबर में करीब 50,000-60,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी होने का अनुमान है। एसबीआई, रिलायंस, टाइटन और एलऐंडटी समेत कई बड़ी कंपनियां बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही हैं, जिससे बाजार में और मजबूती आने का संकेत मिलता है।

Advertisement
First Published - November 8, 2023 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement