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बैंकों से लोन मिलने की रफ्तार धीमी, बॉन्ड से पैसे जुटा रहीं NBFC; त्योहारों के दौरान कर्ज की मांग पूरा करने की होड़

ICICI Home Finance 5 साल वाले बॉन्ड से 7.94 फीसदी की दर पर 275 करोड़ रुपये और 3 साल के बॉन्ड के जरिये 7.95 फीसदी ब्याज पर 300 करोड़ रुपये जुटा रही हैं।

Last Updated- September 17, 2024 | 10:05 PM IST
Lending from banks to NBFCs slowed down, service and vehicle loans also affected बैंकों से एनबीएफसी को ऋण हुआ सुस्त, सेवा और वाहन ऋण पर भी असर

इस साल त्योहारी सीजन के दौरान ऋण की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) डेट पूंजी बाजार से पैसे जुटाने में लगी हैं। बैंकों से ऋण मिलने की रफ्तार धीमी होने से भी एनबीएफसी ऋण प्रतिभूति बाजार (debt security market) में उतर रही हैं।

ऐप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनैंस ने आज 8.75 फीसदी ब्याज पर 5 साल की परिपक्वता वाले बॉन्ड के जरिये 300 करोड़ रुपये जुटाए हैं। आईसीआईसीआई होम फाइनैंस 5 साल वाले बॉन्ड से 7.94 फीसदी की दर पर 275 करोड़ रुपये और 3 साल के बॉन्ड के जरिये 7.95 फीसदी ब्याज पर 300 करोड़ रुपये जुटा रही हैं।

आईसीआईसीआई होम फाइनैंस का बॉन्ड गुरुवार को बंद होगा। इनक्रेड फाइनैंशियल सर्विसेज ने भी 215 करोड़ रुपये जुटाए हैं। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार 1 अगस्त से अभी तक एनबीएफसी कॉर्पोरेट बॉन्ड से 73,820 करोड़ रुपये जुटा चुकी हैं।

रॉकफोर्ट फिनकैप के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जोखिम भार बढ़ाने के निर्णय के बाद से बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं और ऋण देने में चुनिंदा रुख अपना रहे हैं। इससे एनबीएफसी को पूंजी के लिए वाणिज्यिक प्रतिभूतियों और बॉन्ड जैसे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘दर में जल्द कटौती होने की उम्मीद से कंपनियां वाणिज्यिक प्रतिभूतियां जारी करने का विकल्प चुन रही हैं जबकि एएए रेटिंग वाली बड़ी कंपनियां और लंबी अवधि के लिए पूंजी चाहने वाले सार्वजनिक उपक्रम बॉन्ड का रुख कर रहे हैं। ऊंची क्रेडिट रेटिंग वाली एनबीएफसी लंबी अवधि की पूंजी के लिए बाजार में जा रही हैं और अप्रैल से अभी तक जुटाई गई कुल पूंजी में से 80 फीसदी एनबीएफसी द्वारा जुटाई गई हैं।’

एएए रेटिंग वाली फर्मों ने 1 अगस्त से अभी तक कॉर्पोरेट बॉन्ड से 54,680 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो कुल जारी किए गए बॉन्ड का 74 फीसदी है। इसी तरह एए+ रेटिंग वाली एनबीएफसी की हिस्सेदारी 8 फीसदी रही।

बैंकिंग नियामक द्वारा पिछले साल नवंबर में ऐसे कर्ज पर जोखिम भार बढ़ाए जाने से बैंक एनबीएफसी को कर्ज देने से परहेज कर रहे हैं। एनबीएफसी पर बैंकों का कुल बकाया कर्ज 22 मार्च, 2024 को 15.48 लाख करोड़ रुपये था जो 26 जुलाई, 2024 को घटकर 15.29 लाख करोड़ रुपये रह गया। बैंकों से एनबीएफसी को मिलने वाले ऋण की वृद्धि जुलाई अंत में पिछले साल की समान अवधि के 19.9 फीसदी से घटकर 12.7 फीसदी रह गई।

नवंबर 2023 को आरबीआई ने बैंकों द्वारा एनबीएफसी को दिए जाने वाले ऋण पर चिंता जताई थी और ऐसे कर्ज पर जोखिम भार 25 आधार अंक बढ़ा दिया था। अगस्त में 1.4 लाख करोड़ रुपये की वाणिज्यिक प्रतिभूतियां जारी की गई थीं जबकि जुलाई में इससे 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड में नरमी के अनुरूप एनबीएफसी द्वारा बाजार से जुटाए जाने वाले कर्ज पर ब्याज दर में भी कमी आई है।

रेटिंग एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, ‘सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड घटने से दरें नीचे आई हैं। इसलिए ऋण बाजार से पैसे जुटाने की मांग बढ़ी है। मगर बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाना अभी भी कठिन है और ज्यादातर पूंजी सार्वजनिक उपक्रम या कारोबारी घरानों के समर्थन वाली एनबीएफसी द्वारा ही जुटाई जा रही है।’

प्राइम डेटाबेस के अनुसार इस दौरान आरईसी ने 6,820 करोड़ रुपये, पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन ने 5,791 करोड़ रुपये, एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस ने 5,760 करोड़ रुपये और नाबार्ड ने 5,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

First Published - September 17, 2024 | 10:05 PM IST

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