facebookmetapixel
Advertisement
FPI का भरोसा टूटा! अप्रैल के 10 दिन में ₹48,213 करोड़ की निकासी, क्या निवेशकों के लिए खतरे की घंटी?US-Iran Talks: परमाणु जिद या सख्त शर्तें, 21 घंटे बाद भी क्यों नहीं बनी डील; किन कारणों से बिगड़ी बातचीतबारिश के बाद अब तपेगा देश! IMD का अलर्ट, इन राज्यों में हीटवेव का कहर; जानें कब और कहां बढ़ेगी सबसे ज्यादा गर्मीUS-Iran War: ईरान से डील फेल! 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा, खाली हाथ लौटे वेंस; क्या अब बढ़ेगा युद्ध का खतरा?अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता शुरू, इस्लामाबाद में जेडी वेंस और घालिबाफ आमने-सामने: रिपोर्टशहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर से मिला ईरानी डेलीगेशन, इस्लामाबाद पर टिकी दुनिया की नजरेंडीजल और हवाई ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी, पेट्रोल पर टैक्स में कोई बदलाव नहींFixed Deposit interest rates 2026: 444 दिन की जमा पर मिलेगा 6.6% तक ब्याज, ये बैंक दे रहे मौकाStock Market Next Week: अगले हफ्ते इस दिन बंद रहेगा मार्केट, कैलेंडर चेक कर करें अपनी प्लानिंग!UPI पर चार्ज लगा तो 75% लोग इस्तेमाल कर देंगे बंद! सर्वे में सामने आई डिजिटल इंडिया की नई चुनौती

दमदार प्रदर्शन से IDFC फर्स्ट के शेयर में आ रही चमक

Advertisement

बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 134 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 803 करोड़ रुपये रहा

Last Updated- June 20, 2023 | 7:28 PM IST
IDFC First stock shines on strong performance

IDFC फर्स्ट बैंक निजी क्षेत्र के उन प्रमुख ऋणदाताओं में शामिल है जो निवेशकों को तेजी से आक​र्षित करने में सफल रहे हैं। IDFC फर्स्ट एक साल में करीब 158 प्रतिशत चढ़ा है। इसमें तेजी की मुख्य वजह बैंक का शानदार प्रदर्शन है।

वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) एक साल पहले के आधार पर 35 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 10 प्रतिशत बढ़ी। इससे सुधरते व्यावसायिक परिदृश्य और मार्जिन वृद्धि का संकेत मिलता है। बैंक की ब्याज आय सालाना आधार पर 41 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 9 प्रतिशत बढ़ी। वहीं ब्याज खर्च सालाना आधार पर 50 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत तक बढ़ा।

वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में NIM तिमाही आधार पर 28 आधार अंक तक बढ़कर 6.41 प्रतिशत हो गया। वहीं शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 134 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 803 करोड़ रुपये रहा। इस बीच, बैंक की जमाओं में शानदार 47 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

कोस्ट-टु-इनकम रे​शियो वित्त वर्ष 2022 के 77.8 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2023 में 72.5 प्रतिशत रह गया। इस बैंक के लिए ऊंची लागत वाली उधारी का लंबा इतिहास रहा है, जो 25,180 करोड़ रुपये से घटकर 17,673 करोड़ रुपये रह गई। 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमी वित्त वर्ष 2024 में देखी जा सकती है, और पूरी हाई-कोस्ट बुक वित्त वर्ष 2026 तक समायोजित होगी। इन ऋणों को कम लागत वाली जमाओं के साथ जोड़ने से कोषों की लागत घटेगी।

प्रबंधन का मानना है कि लागत में और कमी आ सकती है, क्योंकि कारोबार का दायरा बढ़ने से देनदारियों और क्रेडिट कार्ड व्यवसाय, दोनों के सामान्य होने का अनुमान है। इसके परिणामस्वरूप, बैंक का प्रावधान-पूर्व लाभ सालाना आधार पर 89 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 24 प्रतिशत तक बढ़ा।

ऋण लागत चौथी तिमाही में 1.26 प्रतिशत और पूरे वित्त वर्ष 2023 के लिए 1.16 प्रतिशत रही, जो 1.5 प्रतिशत के अनुमान से कम है। ऋण लागत 1.5 प्रतिशत से नीचे बने रहने की संभावना है।

बैंक ने खुदरा अग्रिमों पर ध्यान केंद्रित कर वृद्धि तेज की है। सकल वित्त परिसंप​त्तियां सालाना आधार पर 24 प्रतिशत तक बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गईं और खुदरा ऋण बुक का संपूर्ण बहीखाते में 79 प्रतिशत योगदान रहा।

वित्त वर्ष 2023-25 की अव​धि के दौरान अग्रिम और जमा बहीखातों में 24 प्रतिशत तक का इजाफा होने का अनुमान है। बैंक का चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) अनुपात 49.8 प्रतिशत पर रहा, जो पूर्ववर्ती तिमाही में 50 प्रतिशत था। पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.8 प्रतिशत पर दर्ज किया गया।

परिसंप​त्ति गुणवत्ता में भी सुधार आया है। सकल एनपीए और एनपीए तिमाही आधार पर 45 आधार अंक और 17 आधार अंक तक घटकर 2.51 प्रतिशत और 1.03 प्रतिशत रह गया।

हालांकि, मूल्यांकन सतर्कता बतरने वाले निवेशकों के लिए चिंताजनक हो सकता है। यह पिछले महीने में 19 प्रतिशत बढ़कर सर्वा​धिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। मंगलवार को बैंक का शेयर एनएसई पर 83 रुपये के आसपास बंद हुआ।

Advertisement
First Published - June 20, 2023 | 7:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement