facebookmetapixel
Advertisement
अब Hybrid Funds में मिलेगा ज्यादा संतुलन? SEBI के नए नियम के बाद लॉन्च होंगी नई स्कीमेंबड़ी कंपनियों की मनमानी पर लगेगी लगाम? CCI को संसद की सख्त सलाह, MSME और स्टार्टअप्स को मिलेगी सुरक्षाकैंसर इलाज में Lupin की नई रणनीति! 2 ऑन्कोलॉजी प्रोग्राम हुए अलग, Kaveri Therapeutics जुटाएगी फंडStocks To Watch Today: आज किन शेयरों पर रखें नजर? Maruti ने बढ़ाए दाम, PC Jeweller ने चुकाया कर्ज, JSW Energy का बड़ा दांवरुपये में पांच दिन से जारी भारी गिरावट थमी, डॉलर के मुकाबले रिकवरी में क्रूड और RBI का बड़ा हाथनीट पर्चा लीक को PM मोदी ने बताया ‘घोर पाप’, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शनखाड़ी युद्ध के तनाव से गहराया विमानन संकट, पायलट एसोसिएशन ने UAE की उड़ानें रोकने की उठाई मांगबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से प्रशांत किशोर की पहली अग्निपरीक्षा, जन सुराज पार्टी के लिए दांव पर लगी साखभारत के उर्वरक निर्यात को मिली रफ्तार, 3 साल में निर्यात 52% बढ़ाजुलाई में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, FPI ने चुनिंदा सेक्टरों में की ताबड़तोड़ खरीदारी

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 : हथियार के रूप में न हो तकनीक – सीतारमण

Advertisement

सीतारमण ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कहा कि डिजिटल सार्वजनिक आधारभूत ढांचा (आधार, एकीकृत भुगतान प्रणाली और अकाउंट एग्रीगेटर) अनिवार्य रूप जनहित में कार्य करे

Last Updated- October 07, 2025 | 11:29 PM IST
मुंबई में ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025’ में उपस्थित लोगों का अभिवादन करती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
मुंबई में ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025’ में उपस्थित लोगों का अभिवादन करती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि चुनिंदा क्षेत्रों में मालिकाना अधिकार प्राप्त कर चुकी कंपनियों को तकनीक का इस्तेमाल निश्चित रूप से हथियार के रूप में नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी दो वैश्विक कंपनियों की हालिया गतिविधियों से उपजे विवाद के मद्देनजर कही।

सीतारमण ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में कहा कि डिजिटल सार्वजनिक आधारभूत ढांचा (आधार, एकीकृत भुगतान प्रणाली और अकाउंट एग्रीगेटर) अनिवार्य रूप जनहित में कार्य करे। फिनटेक को उद्योग के बढ़ने के साथ वित्तीय प्रदर्शन और नियामकीय पालन पर निरंतर ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने बताया, ‘हमें स्वयं को यह बताते रहने की जरूरत है कि प्रौद्योगिकी पर पूरी तरह से महारत हासिल नहीं की जा सकती और इसके कुछ हिस्से पर कुछ स्वामित्व एवं अधिकार प्राप्त करने के बाद …हमें इसे हथियार बनाने से बचना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘हमने लगातार देखा है प्रौद्योगिकी प्रगति के साथ-साथ लोग आत्मकेंद्रित सोच अपना रहे हैं। वैश्विक प्रगति के विचार पर ही सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इसे हथियार बनाया जा रहा है।’

रूस समर्थित भारत की रिफाइनरी नायरा एनर्जी ने जुलाई में माइक्रोसॉफ्ट पर कानूनी कार्रवाई की थी। दरअसल माइक्रोसॉफ्ट ने अचानक से महत्त्वपूर्ण सॉफ्टवेयर सेवाओं को रोक दिया था। इस रिफाइनरी ने सितंबर में सॉफ्टवेयर सेवा एसएपी को निलंबित करने के कारण न्यायालय का रुख किया था।

सैप इंडिया ने न्यायालय को बताया कि वह अपनी मूल कंपनी के समर्थन के बिना यह सेवा नहीं मुहैया करवा सकती है। सीतारमण ने कहा कि फिनटेक राजस्व वृद्धि, नवीन उत्पादों, लाभप्रदता, जोखिम और कानून पालन की क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक सैंडबॉक्स और स्व-नियामक संगठन ढांचे जैसे पर्यवेक्षक सेटिंग के जरिए जिम्मेदार नवाचार को प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने कहा, ‘करोड़ों नागरिक औपचारिक वित्तीय सिस्टम में शामिल हो गए हैं। इसका विस्तार नवोन्मेष के बाद विश्वास, सुरक्षा और समावेश में अनिवार्य रूप से किया जाए। सुरक्षा के साथ गति व संख्या साथ साथ हाथ मिलाकर अनिवार्य रूप से आगे बढ़ें। विनियमन भी अनिवार्य रूप से बढ़ाया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि फिनटेक क्रांति लंबे समय तक सुरक्षित, जिम्मेदार और टिकाऊ बनी रहे।’ कंपनियों को कुछ चुनौतियों का हल करना चाहिए। इन चुनौतियों में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) के लिए क्रेडिट कर, महिला व गिग वर्कर के लिए वित्तीय समावेशन शामिल हैं।

Advertisement
First Published - October 7, 2025 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement