facebookmetapixel
Anthropic के नए टूल से टेक कंपनियों में मची खलबली, औंधे मुंह गिरे आईटी शेयरअगले 20-25 वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत: ब्लैकरॉक प्रमुख लैरी फिंकCCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोगचुनौतियां अब बन रहीं अवसर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीदEditorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरीजब व्यावसायिक हितों से टकराती है प्रवर्तन शक्ति, बाजार का भरोसा कमजोर होता हैसहनशीलता ने दिया फल: ट्रंप के साथ भारत की लंबी रणनीति रंग लाईBajaj Finance Q3FY26 Results: मुनाफा घटा, ब्रोकरेज की राय बंटी, शेयर के लिए टारगेट प्राइस में बदलावNMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारीभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 90.43 पर बंद

फिनटेक संग साझेदारी नहीं तो नुकसान, ऐक्सिस बैंक के CEO ने दिया बयान

चौधरी ने कहा कि बैंक बहुत जल्द अपने मोबाइल ऐप पर एक ऐसी सेवा पेश करेगा, जिसमें ग्राहक न केवल अपने खाते की जानकारी देख सकेगा बल्कि लेनदेन करने में भी सक्षम हो जाएगा।

Last Updated- August 31, 2024 | 12:09 AM IST
Banks will lose out if they don't partner fintechs: Axis Bank CEO फिनटेक संग साझेदारी नहीं तो नुकसान, ऐक्सिस बैंक के CEO ने दिया बयान

ऐक्सिस बैंक के मुख्य कार्य अधिकारी अमिताभ चौधरी ने शुक्रवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान कहा कि फिनटेक के साझेदारी नहीं करने पर बैंकों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिनटेक कंपनियां ऐसी प्रौद्योगिकियां, उत्पाद और सेवाएं लेकर आ रही हैं जो एक बेहतर प्रणाली बना सकती हैं और ग्राहकों के साथ बातचीत को और अधिक उपयोगी और शक्तिशाली बना सकती हैं।

चौधरी ने कहा, ‘अगर हम उनके साथ काम नहीं करेंगे तो यह हमारे लिए नुकसान होगा।’ उन्होंने कहा कि फिनटेक कंपनियों में कुछ हिस्सेदारी लेने से हम सही मायने में जो साझेदारी करते हैं उससे काफी गहरा और काफी ज्यादा सहयोग मिल सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक भी उन ग्राहकों के समक्ष फिनटेक की तरह दिखना चाहते हैं जो उनके साथ एक निश्चित तरीके से जुड़ना चाहते हैं और कई मामलों में ऐसा लगता है कि ऐसा करने के लिए अधिक संसाधन अथवा वक्त नहीं है और बैंकों को यह हासिल करने में फिनटेक कंपनियां मदद कर सकती हैं।

इस बीच, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जैसे-जैसे ग्राहक डिजिटल लेनदेन बढ़ाएंगे बैंकों की परिचालन लागत कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं से लोगों को बैंकिंग लेन-देन के प्रति चिंतित कर दिया है।

चौधरी ने कहा कि बैंक बहुत जल्द अपने मोबाइल ऐप पर एक ऐसी सेवा पेश करेगा, जिसमें ग्राहक न केवल अपने खाते की जानकारी देख सकेगा बल्कि लेनदेन करने में भी सक्षम हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर कुल 15 प्रायोगिक परीक्षण कर रहा है और उनमें से एक क्षेत्र मानव संसाधन भी होगा, जहां प्रौद्योगिकी के जरिये बैंक में होने वाली भर्तियों को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

First Published - August 30, 2024 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट