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RBI की ₹2 लाख करोड़ की VRRR नीलामी को मिली ₹2.07 लाख करोड़ की बोलियां, बैंकों से मिला अच्छा समर्थन

मंगलवार को तीन दिवसीय वीआरआरआर नीलामी हुई थी और इसमें रिजर्व बैक की अधिसूचित 1 लाख करोड़ रुपये की जगह 57,450 करोड़ रुपये की बोली हासिल हुई थीं।

Last Updated- July 18, 2025 | 10:16 PM IST
RBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक को सात-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो (वीआरआरआर) नीलामी के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 2.07 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। संयोगवश बैंकों की पिछली वीआरआरआर की परिपक्वता राशि 2.07 लाख करोड़ रुपये थी। डीलरों के मुताबिक ज्यादातर बैंकों ने परिपक्व हुई राशि को फिर जमा कर दिया है। हालांकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से 1.2 लाख करोड़ रुपये की राशि निकाले जाने का अनुमान है। लिहाजा बैंकों ने अल्पावधि की नकदी की जरूरत को पूरा करने के लिए ट्राई पार्टी रीपो (टीआरईपी) का रुख किया है और इससे ओवरनाइट टीआरईपी की दरें बढ़ गईं।

केंद्रीय बैंक ने सात दिवसीय वीआरआरआर नीलामी 2.5 लाख करोड़ रुपये में की थी। इसके लिए बैंक को 1.5 लाख करोड़ रुपये की निविदाएं हासिल हुई थीं और इसकी परिपक्वता अवधि शुक्रवार को प्रस्तावित थी। मंगलवार को तीन दिवसीय वीआरआरआर नीलामी हुई थी और इसमें रिजर्व बैक की अधिसूचित 1 लाख करोड़ रुपये की जगह 57,450 करोड़ रुपये की बोली हासिल हुई थीं।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘आज (शुक्रवार) जो राशि परिपक्व हुई, उसे आगे निवेश किया गया।’ उन्होंने बताया, ‘जीएसटी की राशि निकलने के कारण बैंकों ने ट्रेप्स (टीआरईपी) बाजार से उधार लिया।’ बाजार के प्रतिभागियों के अनुसार बैंक मौजूदा सप्ताह के अंत में पाक्षिक रिपोर्टिंग अवधि के कारण पिछली नीलामियों में बड़ी मात्रा में धनराशि जमा करने के लिए अनिच्छुक थे। इसके अतिरिक्त आगामी वीआरआरआर नीलामियों की मात्रा और अवधि के बारे में अनिश्चितता ने भी भागीदारी को और कम कर दिया।

ओवरनाइट ट्राई-पार्टी रीपो रेट 5.31 प्रतिशत पर स्थिर हो गई जबकि पिछले दिन यह 5.28 प्रतिशत पर बंद हुई थी।  हालांकि ओवरनाइट वेटेड एवरेज कॉल रेट (डब्ल्यूएसीआर) 5.35 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो गुरुवार से अपरिवर्तित है।

मौद्रिक नीति का संचालन लक्ष्य डब्ल्यूएसीआर है और इसे केंद्रीय बैंक रीपो  रेट के करीब लाना चाहेगा।

अन्य सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘बैंकों ने इस सप्ताह अतिरिक्त नकदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बनाए रखा था और जो राशि परिपक्व हुई, उसे फिर जमा कर दिया है।’ रिजर्व बैंक की वीआरआरआर गतिविधियों का उद्देश्य सिस्टम  से अधिशेष नकदी को कम करना और अल्पकालिक दरों को अल्पकालिक नीतिगत दरों के करीब रखना है।

भारतयी रिजर्व बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को बैंकिंग प्रणाली में में  शुद्ध नकदी 3.08 लाख करोड़ रुपये के अधिशेष में थी।

 रिजर्व बैंक  जून के अंतिम सप्ताह से वीआरआरआर नीलामियों की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है क्योंकि बैंकिंग प्रणाली में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध अधिशेष नकदी ने ओवरनाइट वेटेड एवरेज कॉल रेट को मुख्य रूप से 5.25 प्रतिशत की एसडीएफ दर के करीब और 5.50 प्रतिशत की रीपो दर से नीचे रखा था, जिसमें टीआरईपी दरें भी एसडीएफ से नीचे गिर गई थीं।

First Published - July 18, 2025 | 10:00 PM IST

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