facebookmetapixel
Advertisement
Upcoming NFO: अगले हफ्ते लॉन्च होंगे Tata, HDFC और JM के 3 नए फंड, कौन-सी स्कीम आपके लिए बेहतर?Gold Outlook: सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं? अगले सप्ताह इन 3 बड़े फैक्टर्स पर रखें नजरNSE IPO: सरकारी बीमा कंपनियों की चांदी, 32 पैसे में खरीदे शेयर अब देंगे हजारों करोड़; पर सॉल्वेंसी संकट बरकरारMarket Outlook: अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल के दाम और FIIs की खरीद-बिक्री से तय होगी शेयर बाजार की चालUpcoming IPO: IPO मार्केट में फिर लौटी रौनक! अगले हफ्ते खुलेंगे 3 बड़े मेनबोर्ड IPO, JIO-NSE भी तैयारी मेंशेयर बाजार में रौनक: टॉप-10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.15 लाख करोड़ बढ़ा, एयरटेल रही सबसे आगेहोर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा कदम: रूस से रिकॉर्ड तोड़ तेल आयात, UAE से भी जमकर खरीदारीवैश्विक तनाव के बीच आर्थिक हालातों की समीक्षा करेगी स्टैंडिंग कमेटी, RBI ने जताया है सुस्ती का अनुमान1250% का मोटा डिविडेंड! प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेमौसम का डबल अटैक: कहीं भारी बारिश व आंधी-तूफान का अलर्ट, तो कहीं अभी और सताएगी भीषण गर्मी

AFA: डिजिटल भुगतान में हो अतिरिक्त प्रमाणन जरूरी, RBI ने बताया किन-किन पेमेंट्स को रखा जाए बाहर

Advertisement

इसमें सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में एडीशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी अतिरिक्त प्रमाणन के साथ प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की बात कही गई है

Last Updated- August 01, 2024 | 6:10 AM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को डिजिटल भुगतानों के वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था के लिए मसौदा ढांचा जारी किया है। इसमें सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में एडीशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी अतिरिक्त प्रमाणन के साथ प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की बात कही गई है। हालांकि इस व्यवस्था में प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल पर 5,000 रुपये तक के संपर्क रहित कार्ड भुगतान, आवर्ती लेनदेन के लिए ई-मैंडेट तथा ऑफलाइन मोड से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान आदि को बाहर रखा गया है।

इसके अलावा इसमें कहा गया है कि कार्ड देकर लेनदेन से इतर सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाणीकरण के कारकों में से कम से कम एक को सक्रियता से लागू किया गया है, यानी भुगतान की पहल करने के साथ ही इसे लागू किया गया है, यह उस लेनदेन के लिए ही है और इसे फिर से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वहीं लेनदेन के लिए प्रस्तुत कार्ड का इस्तेमाल भौतिक रूप से लेनदेन के प्वाइंट पर होगा।

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्रमाणीकरण का पहला कारक और एएफए अलग-अलग श्रेणी के होने चाहिए।

एएफए का मतलब भुगतान निर्देश के प्रमाणीकरण के लिए अनिवार्य रूप से एक से अधिक कारकों का उपयोग करना है। इस समय डिजिटल भुगतान की व्यवस्था में एएफए के रूप में एसएमएस आधारित ओटीपी का इस्तेमाल किया जाता है।

फरवरी में रिजर्व बैंक ने कहा था कि तकनीक में नवोन्मेष के कारण हाल के वर्षों में वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था उभरी है। इसकी वजह से डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में प्रमाणीकरण के लिए सिद्धांत पर आधारित ढांचे की जरूरत पैदा हुई है।

Advertisement
First Published - August 1, 2024 | 6:10 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement