facebookmetapixel
Advertisement
4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबामोटी कमाई का चांस! अगले हफ्ते लगभग 150 कंपनियां देंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकाजन्माष्टमी पर बाजारों में बंपर खरीदारी की उम्मीद, 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का अनुमान18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 37.5 अरब डॉलर खर्च, फिर भी ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया ‘छोटी बात’लाइट, कैमरा और एक्शन: कैसे साल 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय सिनेमा का पूरा कारोबार बदल दिया?भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों और शहरों को खुद जुटाना होगा फंड: भार्गव दासगुप्ता

AFA: डिजिटल भुगतान में हो अतिरिक्त प्रमाणन जरूरी, RBI ने बताया किन-किन पेमेंट्स को रखा जाए बाहर

Advertisement

इसमें सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में एडीशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी अतिरिक्त प्रमाणन के साथ प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की बात कही गई है

Last Updated- August 01, 2024 | 6:10 AM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को डिजिटल भुगतानों के वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था के लिए मसौदा ढांचा जारी किया है। इसमें सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में एडीशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) यानी अतिरिक्त प्रमाणन के साथ प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की बात कही गई है। हालांकि इस व्यवस्था में प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल पर 5,000 रुपये तक के संपर्क रहित कार्ड भुगतान, आवर्ती लेनदेन के लिए ई-मैंडेट तथा ऑफलाइन मोड से छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान आदि को बाहर रखा गया है।

इसके अलावा इसमें कहा गया है कि कार्ड देकर लेनदेन से इतर सभी डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाणीकरण के कारकों में से कम से कम एक को सक्रियता से लागू किया गया है, यानी भुगतान की पहल करने के साथ ही इसे लागू किया गया है, यह उस लेनदेन के लिए ही है और इसे फिर से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वहीं लेनदेन के लिए प्रस्तुत कार्ड का इस्तेमाल भौतिक रूप से लेनदेन के प्वाइंट पर होगा।

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्रमाणीकरण का पहला कारक और एएफए अलग-अलग श्रेणी के होने चाहिए।

एएफए का मतलब भुगतान निर्देश के प्रमाणीकरण के लिए अनिवार्य रूप से एक से अधिक कारकों का उपयोग करना है। इस समय डिजिटल भुगतान की व्यवस्था में एएफए के रूप में एसएमएस आधारित ओटीपी का इस्तेमाल किया जाता है।

फरवरी में रिजर्व बैंक ने कहा था कि तकनीक में नवोन्मेष के कारण हाल के वर्षों में वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था उभरी है। इसकी वजह से डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन में प्रमाणीकरण के लिए सिद्धांत पर आधारित ढांचे की जरूरत पैदा हुई है।

Advertisement
First Published - August 1, 2024 | 6:10 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement