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गंभीर मुद्दों पर भारी पड़ रहीं मुफ्त योजनाएं

दलों के घोषणा पत्रों में महिलाओं को नकद राशि, स्वास्थ्य बीमा, सब्सिडी पर शिक्षा और बिजली प्रमुखता से छाए

Last Updated- February 03, 2025 | 8:28 AM IST
Maharashtra civic polls
Representative image

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विधान सभा चुनाव के लिए बुधवार को मतदान होगा। मतदाताओं को लुभाने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस तीनों ने बड़े ही रणनीतिक ढंग से अपने घोषणा पत्र तैयार कर मतदाताओं के समक्ष रखे हैं। इनमें सभी दलों ने मुख्य रूप से महिलाओं को नकद राशि, स्वास्थ्य बीमा, सब्सिडी पर शिक्षा और बिजली आदि का वादा किया है। लेकिन, लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता, महिलाओं की सुरक्षा और बुनियादी ढांचा विकास जैसे उन मुद्दों पर बहुत कम बात की गई, जिनसे दिल्ली के लोग आज जूझ रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि किस प्रकार राजनीतिक दलों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।

आप के साथ काम कर चुके राजनीतिक प्रचार रणनीतिकार अंकित लाल कहते हैं, ‘समय के साथ राजनीतिक दलों के लक्ष्य दीर्घावधि विकास परिदृश्य के बजाय लघु अवधि में काम आने वाले मुद्दों पर आ टिके हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वे ऐसे ही मुद्दों, समस्याओं को अपने घोषणा पत्रों में शामिल कर रहे हैं, जिनसे चुनाव में आसानी से वोट मिल सके।’

इस बार आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी घोषण पत्र में केजरीवाल की गारंटी नाम से 15 वादे किए हैं। भाजपा ने विकसित दिल्ली के लिए 16 संकल्पों वाला घोषणा पत्र जारी किया जबकि कांग्रेस ने 5 चुनावी वादे जनता के सामने प्रस्तुत किए हैं। तीनों प्रमुख दलों में से किसी ने भी लगातार गिरती वायु गुणवत्ता अथवा महिला सुरक्षा या मूलभूत नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार की बात नहीं की है। लेकिन, 2020 के चुनाव में स्थिति अलग थी। उस दौरान आप के चुनावी घोषणा पत्र में प्रदूषण मुक्त दिल्ली, साफ दिल्ली-चमकदार दिल्ली, महिलाओं के लिए सुरक्षित दिल्ली जैसे 10 प्रमुख मुद्दे शामिल थे। दो करोड़ पौधे लगाने, मौजूदा स्तर से दो-तिहाई प्रदूषण कम करना, मोहल्ला मार्शल तैनाती और अतिरिक्त सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट और बस मार्शल भर्ती करना जैसे वादे भी सत्ताधारी दल ने किए थे।

कांग्रेस और भाजपा के घोषणा पत्रों में यूं तो मुद्दों पर अपेक्षाकृत अधिक विस्तार से बात की गई थी, लेकिन इस बार उनके बारे में बहुत कम कहा गया है। भाजपा के 16 संकल्पों में महिला सुरक्षा का मुद्दा पूरी तरह गायब है। महिला सशक्तीकरण वाले अध्याय में पार्टी ने एंटी रोमियो स्क्वैड, सीसीटीवी कैमरे लगाने और झलकारी बाई बटालियन (दिल्ली की पहली महिला बटालियन) गठित करने जैसी तीन महिला केंद्रित योजनाओं का जिक्र किया है। सन 2020 के चुनाव में भी भाजपा ने रानी लक्ष्मीबाई महिला सुरक्षा योजना, 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कॉल सेंटर, दिल्ली पुलिस के सहयोग से सुरक्षा प्रकोष्ठ गठित करने, सभी डार्क स्पॉट (अंधेरे के कारण खतरे वाले स्थान) खत्म करने, मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट कोर्ट स्थापित करने जैसे ऐसे ही कुछ वादे किए थे।

First Published - February 3, 2025 | 8:28 AM IST

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