facebookmetapixel
Advertisement
शेयर बाजार में रौनक: टॉप-10 में से 6 कंपनियों की मार्केट वैल्यू ₹88,678 करोड़ बढ़ी, ICICI बैंक सबसे आगेगर्मी ने बदला बाजार का मिजाज: महंगे AC की बिक्री घटी, पर कोल्ड ड्रिंक्स-आइसक्रीम की जमकर हुई खरीदारीDividend Stocks: ₹130 का मोटा डिविडेंड! बजाज ग्रुप की कंपनी बांटेगी अपना मुनाफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेदिल्ली में उमस का टॉर्चर, 50 डिग्री जैसा अहसास; मॉनसून की रफ्तार तेज पर UP-बिहार में अभी हीटवेव का अलर्टअमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 ठिकानों पर किए बड़े हमलेIT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंड

मार्च तक कोयला भंडार दोगुना करने का लक्ष्य

Advertisement
Last Updated- January 13, 2023 | 2:22 PM IST
कोल इंडिया

केंद्रीय बिजली मंत्रालय द्वारा सभी बिजली उत्पादन कंपनियों को अपनी आवश्यकता के 6 फीसदी तक कोयले का आयात करने का निर्देश देने के कुछ दिनों बाद कोयला मंत्रालय का विचार है कि आयात निर्णय सिर्फ एक सावधानी का कार्य है और घरेलू कोयले की क्षमता में वृद्धि होगी। कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय खनिक कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सभी कोयला कंपनियों के पास आने वाली गर्मी के मौसम के लिए उनके लक्षित उत्पादन से अधिक कोयला है।

मीणा ने कहा, ‘कोयला कंपनियों और बिजली संयंत्रों के पास पर्याप्त कोयले का भंडार है। हालांकि, बिजली की मांग में काफी वृद्धि हुई है। यह एक चुनौती है इसलिए कोयला आयात का फैसला लिया गया। लेकिन पिछले सीजन के दौरान सीआईएल ने अपनी अनुमानित आपूर्ति से अधिक आपूर्ति की है।’

कोयला मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, मार्च 2023 तक कोयला कंपनियों का कोयला भंडार 6.5 करोड़ टन हो जाएगा। अभी यह 3.4 करोड़ टन है। बिजली संयंत्रों के पास मंत्रालय के मार्च तक 4.5 करोड़ टन भंडार की उम्मीद कर रहा है जो भी 3 करोड़ टन है।

सचिव कहते हैं, ‘यह सभी मोर्चों पर एक महत्वपूर्ण उछाल होगा। दिसंबर 2021 में कोयला कंपनियों के पास शेष माल 3.3 करोड़ टन था। हम उत्पादन बढ़ाकर इसे दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।’

इस हफ्ते की शुरुआत में, बिजली मंत्रालय ने एक आधिकारिक निर्देश के माध्यम से कहा कि घरेलू कोयले की आपूर्ति में वृद्धि हुई है, यह बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

मंत्रालय ने सोमवार को कहा था, ‘ऐसे परिदृश्य में जहां ऊर्जा की मांग बढ़ रही है और कोयले की आपूर्ति में वृद्धि घरेलू कोयले की आवश्यकता के अनुरूप नहीं है, मिश्रित उद्देश्यों के लिए आयातित कोयले के उपयोग को जारी रखने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है। ऊर्जा मंत्रालय ने जेनको को चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि और अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही (सितंबर 2023 तक) के लिए 6 फीसदी (वजन के हिसाब से) सम्मिश्रण के लिए कोयले का आयात करने का निर्देश देता है।’

पिछले हफ्ते, देश की बिजली मांग 200 गीगावॉट के आंकड़े को पार कर गई, जो गर्मियों के दौरान चरम मांग से मेल खाती है।
पिछले साल गर्मी के महीनों के दौरान, जेनकोस और राज्यों ने कोयले की भारी कमी का दावा किया, जिसके कारण बिजली मंत्रालय ने उन्हें कोयला आयात करने का निर्देश दिया। निर्देश तीन महीने में वापस ले लिया गया था।

Advertisement
First Published - January 13, 2023 | 2:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement