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₹50,000 से कम सैलरी वालों के लिए 50/30/20 मनी रूल, एक्सपर्ट ने समझाया आसान फॉर्मूला

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₹50,000 या कम सैलरी में भी 50/30/20 बजट नियम अपनाकर सही बचत और खर्च से आर्थिक स्थिरता हासिल की जा सकती है।

Last Updated- December 24, 2025 | 8:07 AM IST
50/30/20 Money rule
Representative Image

50/30/20 Money Rule: अगर आपकी मासिक आय ₹50,000 या उससे कम है, तो भी सही प्लानिंग और अनुशासित खर्च के साथ आर्थिक स्थिरता हासिल की जा सकती है। सीमित आय में सबसे जरूरी है जरूरतों, इच्छाओं और बचत के बीच संतुलन बनाना, ताकि भविष्य की वित्तीय परेशानियों से बचा जा सके।

50/30/20 Money Rule: बजट से आएगी स्थिरता

Scripbox के मैनेजिंग पार्टनर सचिन जैन के अनुसार, 50/30/20 बजट फॉर्मूला कम सैलरी वालों के लिए एक व्यावहारिक गाइड है। इसके तहत आय का 50% जरूरी खर्चों जैसे किराया, राशन, बिजली-पानी, शिक्षा और बीमा में, 30% इच्छाओं और लाइफस्टाइल पर और 20% बचत व निवेश के लिए रखने की सलाह दी जाती है। अगर 20% बचत संभव न हो, तो भी छोटी और नियमित बचत पर ध्यान देना चाहिए।

छोटी बचत से बन सकता है बड़ा फंड

एक्सपर्ट के मुताबिक, हर महीने थोड़ी रकम निवेश करने से भी लंबी अवधि में बड़ा फायदा हो सकता है। माइक्रो SIP जैसे विकल्पों से ₹1,000-₹2,000 की नियमित बचत भी भविष्य में मजबूत फाइनेंशियल सुरक्षा दे सकती है।

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कर्ज और हाई-रिस्क निवेश से दूरी जरूरी

सीमित आय वालों के लिए ज्यादा EMI, क्रेडिट कार्ड खर्च और जोखिम भरे निवेश नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। ऐसे में सरल और कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देना समझदारी है।

परिवार बनाम महंगे शौक

जब पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ रही हों और आय सीमित हो, तब महंगे गैजेट्स और शौक पूरे करना आपको धीरे-धीरे कर्ज के बोझ में डाल सकता है। खर्च पर नियंत्रण रखना मजबूरी नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा है।

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बचत पहले, खर्च बाद में

इस पूरे दृष्टिकोण पर बात करते हुए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने बताया कि व्यक्तिगत वित्त में सही सोच यही है कि पहले बचत तय की जाए और फिर उसी के हिसाब से खर्च किया जाए। यही आदत लंबे समय में आर्थिक संतुलन और मानसिक शांति देती है।

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First Published - December 24, 2025 | 8:07 AM IST

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