facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Rupee vs Dollar: कच्चा तेल चढ़ा तो रुपया गिरा, डॉलर के मुकाबले नए निचले स्तर पर हुआ बंद

बाजार के भागीदारों का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये की गिरावट को थोड़ा थामने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया है।

Last Updated- October 16, 2023 | 11:12 PM IST
money

कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच डॉलर के मुकाबले रुपया आज 83.28 के अपने नए निचले स्तर पर बंद हुआ। रुपया 18 सितंबर को 83.27 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। बीते शुक्रवार को रुपया 83.26 पर बंद हुआ था।

बाजार के भागीदारों का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की गिरावट को थोड़ा थामने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया है। डीलरों ने कहा कि रुपया जब 83.28 तक गिर गया था तब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने केंद्रीय बैंक की ओर से डॉलर की बिकवाली की थी ताकि भारतीय मुद्रा और नीचे न जाए।

करूर वैश्य बैंक में ट्रेजरी प्रमुख वी आर सी रेड्डी ने कहा, ‘डॉलर सूचकांक के 107 अंक से गिरकर 105.30 रह गया है मगर पिछले कुछ दिनों से रुपया 83.10 से 83.30 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इजरायल-हमास युद्ध के मद्देनजर कच्चे तेल में तेजी से रुपये में भी नरमी देखी जा रही है क्योंकि तेल महंगा होने के कारण तेल मार्केटिंग कंपनियां डॉलर की मांग बढ़ा रही हैं। केंद्रीय बैंक भी मुद्रा में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए डॉलर की बिकवाली कर रहा है।’

अक्टूबर में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.3 फीसदी नीचे आ चुका है। जुलाई से सितंबर के बीच रुपया 1.2 फीसदी कमजोर हुआ है। दूसरी ओर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में रुपया 0.2 फीसदी मजबूत हुआ था। विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने से कैलेंडर वर्ष के पहले 6 महीने में रुपया 0.16 फीसदी मजबूत हुआ था। प​श्चिम ए​शिया में तनाव बढ़ने से पिछले शुक्रवार को 6 फीसदी चढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। डीलरों ने कहा कि कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा तो डॉलर के मुकाबले रुपया 83.30 के पार जा सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में मुद्रा डेरिवेटिव्स और ब्याज दर डेरिवेटिव्स के उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘आरबीआई ने आज 50 करोड़ डॉलर कीमत की मुद्रा बेची होगी। वह रुपये को डॉलर के मुकाबले 83.30 के स्तर पर सहारा दे रहा है।’

अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा मुद्रास्फीति की खबर से निवेशकों को ब्याज दर फिर बढ़ने की आशंका सताने लगी है।

First Published - October 16, 2023 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट