facebookmetapixel
‘हमें अमेरिकी बनने का कोई शौक नहीं’, ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप की बात को ठुकराया, कहा: हम सिर्फ ‘ग्रीनलैंडर’Bonus Issue Alert: अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने निवेशकों को देंगी बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट फिक्सDMart Q3 Results: Q3 में मुनाफा 18.28% बढ़कर ₹855 करोड़ के पार, रेवेन्यू ₹18,100 करोड़ पर पहुंचाभारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौकेCorporate Action: स्प्लिट-बोनस-डिविडेंड से बढ़ेगी हलचल, निवेशकों के लिए उत्साह भरा रहेगा अगला हफ्ताIran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें350% का तगड़ा डिविडेंड! 5 साल में 960% का रिटर्न देने वाली कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफाSuzuki ने उतारा पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access, बुकिंग हुई शुरू! जानें कीमत65 मौतें, 2311 गिरफ्तारी के बाद एक फोन कॉल से सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज….आखिर ईरान में हो क्या रहा है?US Visa: अमेरिकी वीजा सख्ती ने बदला रुख, भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की भारत वापसी बढ़ी

रवनीत कौर को एनएफआरए अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार

इस साल 31 मार्च को एनएफआरए प्रमुख अजय भूषण पांडेय का कार्यकाल समाप्त हो गया था, तब से यह पद रिक्त था।

Last Updated- April 03, 2025 | 10:58 PM IST
CCI

केंद्र सरकार ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की प्रमुख रवनीत कौर को राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) के अध्यक्ष का भी अतिरिक्त प्रभार दिया है। कौर की नियुक्ति 1 अप्रैल से अगले तीन महीनों के लिए की गई है।

1 अप्रैल को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के आदेश में कहा गया है कि कौर को एनएफआरए प्रमुख के तौर पर अगले तीन महीने अथवा एनएफआरए के नए अध्यक्ष की नियुक्ति तक अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस साल 31 मार्च को एनएफआरए प्रमुख अजय भूषण पांडेय का कार्यकाल समाप्त हो गया था, तब से यह पद रिक्त था।

सीसीआई की पांचवीं अध्यक्ष के रूप में कौर नए युग की डिजिटल अर्थव्यवस्था और फार्मास्यूटिकल्स, वाहन, मीडिया एवं मनोरंजन, विमानन सहित विविध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण से निपट रही हैं। एनएफआरए की अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका सूचीबद्ध कंपनियों के लिए ऑडिट फर्मों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

कौर को एनएफआरए का अतिरिक्त प्रभार ऐसे वक्त में मिला है जब नियामक अपनी समीक्षा एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित कार्यों के बंटवारे पर कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में एनएफआरए को अपनी जांच बरकरार रखने को कहा है, जहां किसी तरह की ऑडिट गुणवत्ता समीक्षा रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है और अंतिम आदेश अभी आना बाकी है।

First Published - April 3, 2025 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट