facebookmetapixel
Advertisement
सरकार लाई नया Tax Amendment Bill, गिफ्ट सिटी, विदेशी निवेश कोष और डेटा सेंटर को मिलेंगी टैक्स में छूटManufacturing PMI जुलाई में पांच साल के निचले स्तर पर, कमजोर मांग और बिक्री से सुस्त पड़ा विनिर्माण क्षेत्रFCNR(B) जमा बढ़ने से बैंकों की CD पर निर्भरता घटी, जुलाई में 95 हजार करोड़ रुपये जुटाएकांग्रेस ने मुझे रोका नहीं होता तो मैं भारत का मूल सुधारक होता, 1991 के बजट भाषण में मेरे बजट के कई अंश: यशवंत सिन्हासड़क हादसे रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों में V2V सिस्टम होगा जरूरीटैक्स दबाव के बाद आईटीसी में सुधार के संकेत, शेयर 4% चढ़कर पहुंचा ₹292.50छात्र प्रदर्शन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख किया साफ, गंभीर अपराध छोड़ बाकी छात्रों को मिलेगी राहतउपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, दतिया भी नहीं जीत सकी BJPअल-नीनो और कमजोर मॉनसून के बीच पानी पर बढ़ी सियासत, कावेरी से महानदी तक फिर गरमाए राज्यों के विवादक्लोजिंग ऑक्शन से बाजार हैरान, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा तो निफ्टी में 391 अंकों की बढ़त

सौर पंप की निविदा पर सवाल

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:27 AM IST

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने छत्तीसगढ़ में हाल में संपन्न सौर संचालित सिंचाई पंपों की निविदा पर सवाल उठाए हैं। यह निविदा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित कुसुम योजना के तहत संपन्न की गई है। मंत्रालय का कहना है कि निविदा में ऊंची बोलियां प्राप्त हुईं, जिसके चलते खजाने को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
छत्तीसगढ़ राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (सीआरईडीए) को लिखे गए एक पत्र में एमएनआरई ने उच्च बोलियों को लेकर चिंता जताई है, हालांकि निविदा में केंद्र की बोली की जैसी ही तकनीकी निर्देशों का इस्तेमाल किया गया है। एमएनआरई ने कहा कि छत्तीसगढ़ की निविदा में ईईएसएल द्वारा आयोजित निविदा की तुलना में 40 प्रतिशत ज्यादा उच्च बोली हासिल हुई है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस पत्र को देखा है। 

इस सिलसिले में सीआरईडीए कार्यालय और सीईओ से बातचीत करने की कवायदों की कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली। राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि विभाग का निजी कंपनियों द्वारा लगाई गई बोली पर कोई नियंत्रण नहीं है। 
एमएनआरई के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि देश भर में सौर पंपों की कीमत का मानकीकरण किया जाए। मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे मंत्रालय द्वारा तैयार की गई मानक निविदा को स्वीकार करें। अधिकारी ने कहा, ‘कुछ राज्य अपनी निविदा की पेशकश पसंद करते हैं, जबकि कुछ ईईएसएल की निविदा के माध्यम से खरीदते हैं। लेकिन हमने राज्यों से कहा है कि वे निविदा की उन्हीं शर्तों का पालन करें। किसानों के हित में पंप की लागत धीरे धीरे कम होनी चाहिए।’ 

सीआरईडीए ने इस साल मई में 20,000 सौर पंपों के लिए निविदा आमंत्रित की थी। इस निविदा में डिजाइन, आपूर्ति, इंस्टालेशन और 3 एसपी और 5 एसपी क्षमता के 10-10 हजार पंपों की कमिशनिंग शामिल है। सफल बोलीदाता को परिचालन एवं रखरखाव गतिविधियों का काम भी 5 साल के लिए देखना होगा।

Advertisement
First Published - August 31, 2021 | 2:16 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement