facebookmetapixel
Advertisement
Gold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंStock Market Today: ओपन होते ही बाजार में रफ्तार, सेंसेक्स 144 अंक बढ़त के साथ खुला, निफ्टी 25,900 के पारलोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलान

नियमों में बदलाव की तैयारी

Advertisement

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को सोना गिरवी रखकर ऋण देने वाली कंपनियों के लिए एक सर्कुलर जारी किया।

Last Updated- April 09, 2025 | 11:51 PM IST
Gold

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को सोना गिरवी रखकर ऋण देने वाली कंपनियों के लिए एक सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर का मकसद विभिन्न ऋणदाताओं में ऐसे ऋणों के लिए अनुकूल नियामकीय ढांचा तैयार करना है। इसका उद्देश्य खास उधारी प्रणालियों से संबंधित चिंताएं दूर करना, विशेष परिस्थितियों के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करना और इस क्षेत्र में मानकों को मजबूत बनाना भी है।

सर्कुलर में आरबीआई ने कहा है कि सोने पर उधारी के लिए मानकों को ऋणदाताओं की क्रेडिट/रिस्क प्रबंधन नीति में शामिल किया जाना चाहिए। नीति में उचित एकल उधारकर्ता सीमा, गिरवी सोने पर ऋण के पोर्टफोलियो के लिए क्षेत्रीय सीमाएं, निधियों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए तंत्र, लोन-टु-वैल्यू (एलटीवी) रेशियो, मूल्यांकन मानक, साथ ही सोने की शुद्धता के मानक शामिल होने चाहिए।

आरबीआई के अनुसार, ऋणदाताओं को अपने कुल ऋणों और अग्रिमों के अनुपात के रूप में पात्र गोल्ड कॉलेटरल के रूप में सुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो पर एक सीमा निर्धारित करना जरूरी है। इस सीमा की समय-समय पर समीक्षा की जानी होगी, संग्रह दक्षता, नीलामी आधारित वसूली प्रदर्शन, पर्याप्त आर्थिक पूंजी की उलब्धता जैसे कारकों पर ध्यान देना होगा।

इसके अलावा, ऋणदाताओं को पात्र गोल्ड कॉलेटरल के संदर्भ में एकल उधारकर्ता के लिए ऋण की मात्रा पर सीमा तय करनी होगी, आय सृजन और खपत उद्देश्य के बीच अंतर स्पष्ट करना होगा। आरबीआई ने कहा कि यह सीमा लगातार और गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से लागू की जानी चाहिए।
एक निजी बैंकर के अनुसार प्रस्तावित मानक बैंकों के लिए उपयोगी हैं। गोल्ड लोन एनबीएफसी के शेयरों में बुधवार को गिरावट आई। मुथूट फाइनैंस का शेयर 7 फीसदी गिरकर, आईआईएफएल फाइनैंस 2.5 फीसदी, जबकि मणप्पुरम फाइनैंस 1.86 फीसदी कमजोरी के साथ बंद हुआ।

Advertisement
First Published - April 9, 2025 | 11:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement