facebookmetapixel
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला

अर्थव्यवस्था की हलचलें

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:31 PM IST

स्वास्थ्य परियोजनाओं में भ्रष्टाचार पर विश्व बैंक की रपट को
सरकार ने नकारा देश की स्वास्थ्य परियोजनाओं में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर विश्व बैंक की डीआईआर रपट पर सरकार ने इसके कई निष्कर्षों से इनकार किया है।


सरकार का कहना है कि वह इससे भविष्य में बीमारी नियंत्रण कार्यक्रमों की विश्वसनीयता को क्षति पहुंच सकती है। विश्व बैंक को सौंपे विस्तृत जवाब में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि रपट ने ऐसी धारणा पैदा की है कि मानो भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की आपूर्ति प्रणाली भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से युक्त है। जवाब में कहा गया कि व्यापक जांच समीक्षा (डीआईआर) के कारण सफल रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की विश्वसनीयता को क्षति पहुंची है।जवाब पर विश्व बैंक अपनी बोर्ड बैठक में विचार करेगा। बैठक आज होनी थी लेकिन इसे स्थगित किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव नरेश दयाल ने बताया कि हम विश्व बैंक की प्रतिक्रिया तभी जान पाएंगे जब बैंक जवाब पर विचार कर ले। कुछ निष्कर्षों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब में कहा गया है कि राष्ट्रीय एडस नियंत्रण संगठन (नाको) जैसे विशिष्ट कार्यक्रमों की डीआई आर रपट में जांच करने से पता चलता है कि इसमें प्रोटोकाल से जुड़े मुद्दों पर विचार नहीं किया गया है।


देश में एलपीजी की कमी नहीं : देवड़ा
 
सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में अभी रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने मोहम्मद अमीन और तपन कुमार सेन के सवाल के उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समय देश में कुल मिला कर एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने बताया है कि उन्होंने अप्रैल 07 से जनवरी 08 के बीच देश में 8450 टीएमटी  घरेलू गैस की आपूर्ति की, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में 8030 टीएमटी की आपूर्ति की थी जो 5.2 प्रतिशत की वृध्दि दर्शाता है।


निर्यातकों को राहत देगा उद्योग मंत्रालय
उद्योग मंत्रालय निर्यातकों को और अधिक राहत देने की योजना के तहत विदेशी व्यापार नीति (एफटीपी) में संशोधन करने की सोच रहा है। एफटीपी 15 अप्रैल तक आने की उम्मीद है। इसमें और अधिक राहत दिए जाएंगे, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक रोजगार के अवसर बढ़े। वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि वे कुछ नई योजनाएं पेश करने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल निर्यात, लक्ष्य से कुछ कम रहने की उम्मीद है। बीएस संवाददाता


पैन धारकों की संख्या एक करोड से ऊपर
मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान तीन मार्च 2008 तक जारी किए गए पैन कार्ड की संख्या 1,16,29,940 है। बी एस ज्ञानादिशिखन के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्यमंत्री एस एस पलानीमाणिक्कम ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकरीबन 4 प्रतिशत लोग जाली पैन धारक के रूप में पाए गए। बहरहाल नेशनल सिक्योरिटीज डिपाजिटरी लि. (एनएसडीएल) और सैंट्रल डिपाजिटरी सर्विसेज लि. (सीडीएसएल) द्वारा ऐसे किसी भी मामले की सूचना नहीं दी गई है जहां जाली पैन का प्रयोग करके डीमेट खाता खोला गया है। वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि एक से अधिक पैन कार्ड प्राप्त करने के विरूध्द आयकर अधिनियम में दण्डात्मक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, एक से अधिक पैन रखने के  परिणामों के बारे में करदाताओं को शिक्षित करने के लिए एक शिक्षा अभियान भी आरंभ किया गया है।


वर्ष 2001-07 में 4084 महिलाओं को दिया गया पेट्रोल पंप
सरकार ने बताया कि वर्ष 2001 से दिसम्बर 2007 के दौरान महिला उम्मीदवारों को 4084 पेट्रोल पंपों (आरओज) और 933 एलपीजी एजेंसी का आवंटन किया गया है। प्रवीण राष्ट्रपाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री दिनशा पटेल  ने राज्यसभा में बताया कि अनुसूचित जाति उम्मीदवारों को उक्त अवधि 2642 आरओज और 737 एलपीजी एजेंसियों का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) ने रिपोर्ट दी है कि वर्ष 2001 से दिसम्बर 2007 तक की अवधि के दौरान देश में आरओज एवं एलपीजी एजेंसियों को चालू करने के लिए क्रमश: 4004 और 92 आशय पत्र लंबित हैं। इसका कारण भूमि की अनुपलब्धता, गोदामों का निर्माण, अदालती मामले, शिकायतें आदि हैं।


आईआईएम संस्थानों में अब होगी शिक्षा महंगी
देश के तीन प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में आने वाले दिनों में शिक्षा काफी महंगी होने जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने लोकसभा में प्रबोध पांडा के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि आईआईम अहमदाबाद बेंगलुरु तथा कोलकाता में वर्ष 2007 में पीजीपी के प्रथम वर्ष में दाखिला लेने की फीस क्रमश: दो, ढाई तथा दो लाख रुपये थी जो वर्ष 2008  में क्रमश: तीन, चार और तीन लाख रुपये होगी। उन्होंने बताया कि केवल इन तीन प्रबंधन संस्थानों के बोर्ड आफ गवर्नर्स ने ही अभी तक आगामी शैक्षणिक सत्र से फीस बढ़ाने का फैसला किया है।


राष्ट्रीय मरीन प्रशिक्षण संस्थान पर विचार
सरकार ने कहा कि वह राष्ट्रीय मरीन प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। गृह राज्यमंत्री वी राधिक सेलवी ने लोकसभा को बताया कि राष्ट्रीय मरीन प्रशिक्षण संस्थान केग प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है परन्तु यह अभी प्रारंभिक अवस्था में है। इस मरीन प्रशिक्षण संस्थान हेतु स्थान का अभी निर्णय नहीं लिया गया है।
 सुब्रत बोस के एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा संस्थान को अपने अपने राज्यों में स्थापित करने हेतु पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्य सरकारों से प्रस्ताव इस मंत्रालय को प्राप्त हुए हैं। परन्तु इन राज्य सरकारों को सूचित किया गया है कि चूंकि यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक अवस्था में है इसलिए उनके प्रस्ताव पर उपयुक्त स्तर पर विचार किया जाएगा।


वैश्विक मंदी से प्रभावित होंगे भारत के निर्यात
सरकार ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में आई मंदी के कारण भारत के नियार्तो प्रभावित होगी। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जयराम रमेश ने लोकसभा को बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का उत्तरोत्तर एकीकरण होने के कारण कोई भी अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था के निष्पादन एवं वृध्दि में चक्रीय उतार चढ़ाव तथा
 वैश्विक जोखिम कारकों के प्रभाव से पूर्णत: अछूती नहीं रह सकती है। रघुवीर सिंह कौशल के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा विश्व अर्थव्यवस्था के अधिकांश अनुमानों से वैश्विक वृध्दि में संतुलित न कि भारी मंदी का पता चलता है। इससे भारत के निर्यातों की मांग प्रभावित होगी। तथापि  भारतीय अर्थव्यवस्था की वृध्दि की गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए मध्यावधि में अर्थव्यवस्था के घरेलू मांग पर आधारित  रहने की संभावना है।

Advertisement
First Published - March 11, 2008 | 7:58 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement