facebookmetapixel
Advertisement
Metal Stocks Alert: एल्युमिनियम पर बुलिश आउटलुक, हिंडाल्को से JSW Steel तक इन शेयरों में मौकाभारत में Telegram बैन पर भड़के CEO Pavel Durov, बोले- असली दोषी बचे, 15 करोड़ यूजर्स को मिली सजाअमेरिका-ईरान समझौते का 14 सूत्रीय मसौदा सामने, युद्धविराम से प्रतिबंध हटाने तक बड़े प्रावधानICICI, HDFC, SBI और AU Bank? ब्रोकरेज ने चुने BFSI सेक्टर के टॉप पिक्सGold-Silver Price Today: सोने के दामों में गिरावट, चांदी के भी गिरे भाव; जानें आज के ताजा रेटHAL दे सकती है बड़ा डिविडेंड, 29 जून को बोर्ड बैठक में होगा फैसलाईरान-अमेरिका समझौते की उम्मीद से सस्ता हुआ कच्चा तेल, कई महीनों बाद 80 डॉलर के नीचे आयाराज्यों ने बॉन्ड बाजार से जुटाए ₹20,461 करोड़, जानिए किस राज्य को मिला सबसे सस्ता कर्जईरान संकट का असर! सरकार ने डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ाया टैक्स, क्या महंगा होगा सफर?10 साल में राज्यों का कर्ज ₹31 लाख करोड़ से बढ़कर ₹90 लाख करोड़

MDB को सालाना 3 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की जरूरत

Advertisement

इस रिपोर्ट के अनुसार सभी MDB संस्थानों में 100 अरब डॉलर की नई इक्विटी की उल्लेखनीय वृद्धि की आवश्यकता है

Last Updated- July 16, 2023 | 11:20 PM IST
Federal Reserve can't stop raising interest rates despite SVB, Signature Bank crisis

G20 में बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत बनाने (MDB) के स्वतंत्र विशेषज्ञों के समूह ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2030 तक हर साल 3 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की जरूरत होगी। इसका एक हिस्सा मौजूदा बैलेंस शीट का लाभ उठाकर और पूंजी पर्याप्तता ढांचे को लागू करने से आ सकता है। इस रिपोर्ट के अनुसार सभी MDB संस्थानों में 100 अरब डॉलर की नई इक्विटी की उल्लेखनीय वृद्धि की आवश्यकता है।

रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक आधिकारिक विकास वित्त में हर साल 500 अरब डॉलर की वृद्धिशील राशि की जरूरत होगी जिसमें 260 अरब डॉलर MDB के जरिये आना चाहिए। अभी इस रिपोर्ट पर G 20 देशों के वित्त और केंद्रीय बैंकों के उपप्रमुखों के प्रतिनिधि विचार-विमर्श कर रहे हैं।

नौ सदस्यीय विशेषज्ञ समूह के सह संयोजक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट एमेरिट्स लॉरेंस समर्स, भारत के 15वें वित्त आयोगे के चेयरपर्सन व इंस्टीट्यूट ऑफ इकनोमिक ग्रोथ के अध्यक्ष नंद किशोर सिंह हैं। ये दोनों इस रिपोर्ट के लेखक भी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन और सतत आधारभूत संरचना पर चीन को छोड़कर अन्य विकासशील देशों को 2030 तक आदर्श रूप से अपना खर्च चार गुना बढ़ा देना चाहिए और SDG पर खर्च बढ़ाना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य और शिक्षा की मानव पूंजी पर कम से कम खर्च 75 फीसदी बढ़ाया जाना चाहिए।

Advertisement
First Published - July 16, 2023 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement