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JP Morgan ने बदला गेम! कहा- अब भारत में सबसे ज्यादा कमाई का मौका

India GDP: जेपी मॉर्गन के मुताबिक, वे उन उभरते बाजारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जहां घरेलू मांग मजबूत है।

Last Updated- May 26, 2025 | 8:57 AM IST
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India GDP: जेपी मॉर्गन ने उभरते बाजारों (Emerging Markets या EM) के शेयरों पर अपना नजरिया पॉजिटिव कर दिया है। अब इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी गई है, यानी निवेश के लिए बेहतर माना गया है। इससे पहले कंपनी ने EM को ‘अंडरवेट’ और फिर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने कहा कि 2021 से अब तक EM शेयरों ने विकसित देशों (Developed Markets या DM) की तुलना में 40% तक कम रिटर्न दिए हैं। अब हालात बदल रहे हैं, इसलिए उनका नजरिया भी बदला है।

जेपी मॉर्गन के मुताबिक, वे उन उभरते बाजारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जहां घरेलू मांग मजबूत है। इनमें भारत, फिलीपींस, ब्राजील, ग्रीस, पोलैंड और UAE शामिल हैं। इसके अलावा चिली और कोरिया जैसे देश भी उन्हें आकर्षक लग रहे हैं क्योंकि यहां कुछ खास बदलाव (idiosyncratic catalysts) हो रहे हैं।

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EM शेयरों के भाव DM की तुलना में सस्ते

नोट में बताया गया है कि EM शेयरों की वैल्यूएशन अभी भी काफी आकर्षक है। इनका फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो (P/E) 12.4x है, जबकि DM का 19.1x है। यानी निवेशकों को EM में कम दाम पर ज्यादा ग्रोथ की संभावना दिख रही है। साथ ही, अभी भी वैश्विक निवेशक EM (खासकर चीन में) में बहुत कम निवेश कर रहे हैं

जेपी मॉर्गन का मानना है कि भारत ट्रेड वॉर से काफी हद तक बचा हुआ है, यानी ‘trade-insulated’ है। इसके अलावा भारत में ग्रामीण मांग की रिकवरी, अप्रैल से लागू होने वाले टैक्स में कटौती, रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में दो बार कटौती और तरलता बढ़ाने जैसे कदम FY26 में अच्छी ग्रोथ को समर्थन देंगे। नोट में यह भी कहा गया है कि FY2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ दर जेपीएम ग्लोबल यूनिवर्स में सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है।

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क्यों बदला JP Morgan ने नजरिया?

जेपी मॉर्गन ने EM पर अपना नजरिया बदलने के पीछे कई बड़े कारण बताए हैं:

  • ट्रेड वॉर का बुरा दौर अब खत्म – अब अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम हो रहा है। आगे थोड़ी बहुत खबरें आ सकती हैं, लेकिन बड़े स्तर पर जोखिम घटा है।
  • डॉलर की कमजोरी EM के लिए फायदेमंद – जेपी मॉर्गन को लगता है कि इस साल अमेरिकी डॉलर कमजोर रह सकता है। आमतौर पर EM शेयर डॉलर के कमजोर रहने पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
  • अमेरिका में ब्याज दरें और महंगाई बढ़ सकती हैं – अगर अमेरिका में टैक्स कटौती और महंगाई बढ़ती है तो फेडरल रिजर्व नीतियों को नरम कर सकता है, जो EM के लिए सकारात्मक होगा।
  • जेपी मॉर्गन का मानना है कि अगर अमेरिका में जॉब मार्केट थोड़ा कमजोर होता है और महंगाई बढ़ती है, तो फेड दरें घटा सकता है। ऐसे हालात में उभरते बाजारों को फायदा मिलेगा।

First Published - May 26, 2025 | 8:33 AM IST

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