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Inflation rate: प्रमुख विकासशील देशों की तुलना में भारत में महंगाई दर अभी अधिक

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भारत में महंगाई दर अब भारतीय रिजर्व बैंक की महंगाई की तय सीमा के भीतर है, लेकिन यह ब्राजील, रूस और दक्षिण कोरिया की तुलना में अधिक बनी हुई है।

Last Updated- June 13, 2023 | 11:19 PM IST
retail inflation

विश्व के कई अन्य उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्था की तुलना में भारत में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। भारत में मई 2023 में महंगाई दर में 4.25 प्रतिशत वृद्धि को मई 2022 की तुलना में महंगाई में कमी के रूप में देखा जा रहा है, जब महंगाई दर 7.24 प्रतिशत थी। भारत में महंगाई दर अब भारतीय रिजर्व बैंक की महंगाई की तय सीमा के भीतर है, लेकिन यह ब्राजील, रूस और दक्षिण कोरिया की तुलना में अधिक बनी हुई है।

भारत में दर में बढ़ोतरी अन्य उल्लिखित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम रही है। ब्याज दरें 2020 में ऐतिहासिक निचले स्तर पर थीं, क्योंकि कोविड-19 के कारण आर्थिक गिरावट आई थी।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले सप्ताह रीपो रेट 6.5 प्रतिशत बरकरार रखने का फैसला किया है, जिसका मतलब महामारी के निचले स्तर से अब तक नीतिगत दर में कुल मिलाकर बढ़ोतरी 250 आधार अंक बनी हुई है। वहीं ब्राजील ने नीतिगत दर में 1175 आधार अंक की बढ़ोतरी की है।

बैंक ऑफ इंगलैंड ने ब्याज दर 440 आधार अंक बढ़ाया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 1980 के बाद ब्याज दर में सबसे तेज बढ़ोतरी की है और उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह वह दर में बढ़ोतरी को लगाम देगा। बहरहाल अमेरिका अब तक दर में 525 आधार अंक की बढ़ोतरी कर चुका है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने महामारी के निचले स्तर की तुलना में यूरो जोन में दरों में 375 आधार अंक की बढ़ोतरी की है।

पिछले सप्ताह यूरो जोन मंदी के दौर में चला गया, क्योंकि जर्मनी, आयरलैंड, ग्रीस और नीदरलैंड में अर्थव्यवस्था में संकुचन आया है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक की बैठक इस सप्ताह होने वाली है, जिसमें दर में आगे की बढ़ोतरी पर फैसला किया जाएगा। पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक ने कहा था कि खाद्य महंगाई की गति के मुताबिक प्रमुख महंगाई चल रही है

वहीं उभरते हुए प्रमुख बाजारों में चीन में मई महीने में महंगाई दर में 0.2 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उम्मीद की जा रही है कि चीन ब्याज दर कम करेगा क्योंकि अर्थव्यवस्था सुस्त है और महंगाई घटी है। इससे विकसित देशों के साथ प्रतिफल में अंतर और बढ़ेगा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी 13-14 जून को होनी है, जिसमें ब्याज दर पर फैसला होगा।

अमेरिका में हाल की महंगाईऔर नौकरियों के आंकड़े के विश्लेषण के नोमुरा ग्रुप ने कहा है कि उन्हें फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) द्वारा दरों में बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीद नहीं है, जो मौद्रिक नीति के बारे में फैसला करती है।

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First Published - June 13, 2023 | 11:19 PM IST

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