facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

अगस्त में भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 4% बढ़ा, माइनिंग और पावर सेक्टर ने दिखाई रफ्तार

Advertisement

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है, जबकि पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है

Last Updated- September 29, 2025 | 4:53 PM IST
Banking Sectir
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

IIP growth August 2025: भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) अगस्त में पिछले साल की तुलना में 4% बढ़ा। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माइनिंग गतिविधियों में तेजी रही। हालांकि, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने 5% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। जुलाई में ये आंकड़ा 4.3% था, जिसे बाद में बदला गया था।

Also Read: EY ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, FY26 में अब 6.7% की दर से बढ़ेगी इकॉनमी

किस सेक्टर का कैसा रहा हाल?

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है। पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है। माइनिंग ने इस बार 6% की उछाल दिखाई, जबकि जुलाई में इसमें 7.2% की गिरावट आई थी।

कंज्यूमर गुड्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। कार और फोन जैसे टिकाऊ सामान (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) का उत्पादन 3.5% बढ़ा, जो जुलाई के 7.3% से कम है। वहीं, फूड प्रोडक्ट और टॉयलेट्रीज जैसे गैर-टिकाऊ सामान (कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स) में 6.3% की गिरावट आई, जबकि जुलाई में इसमें 0.5% की बढ़ोतरी थी।

कैपिटल गुड्स, जैसे मशीनरी और उपकरण, का उत्पादन 4.4% बढ़ा, जो जुलाई के 6.8% से कम है। अप्रैल से अगस्त तक की बात करें तो इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 2.8% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.3% थी।

Advertisement
First Published - September 29, 2025 | 4:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement