facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

अगस्त में भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 4% बढ़ा, माइनिंग और पावर सेक्टर ने दिखाई रफ्तार

Advertisement

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है, जबकि पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है

Last Updated- September 29, 2025 | 4:53 PM IST
Industrial Growth
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

IIP growth August 2025: भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) अगस्त में पिछले साल की तुलना में 4% बढ़ा। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माइनिंग गतिविधियों में तेजी रही। हालांकि, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने 5% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। जुलाई में ये आंकड़ा 4.3% था, जिसे बाद में बदला गया था।

Also Read: EY ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, FY26 में अब 6.7% की दर से बढ़ेगी इकॉनमी

किस सेक्टर का कैसा रहा हाल?

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है। पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है। माइनिंग ने इस बार 6% की उछाल दिखाई, जबकि जुलाई में इसमें 7.2% की गिरावट आई थी।

कंज्यूमर गुड्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। कार और फोन जैसे टिकाऊ सामान (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) का उत्पादन 3.5% बढ़ा, जो जुलाई के 7.3% से कम है। वहीं, फूड प्रोडक्ट और टॉयलेट्रीज जैसे गैर-टिकाऊ सामान (कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स) में 6.3% की गिरावट आई, जबकि जुलाई में इसमें 0.5% की बढ़ोतरी थी।

कैपिटल गुड्स, जैसे मशीनरी और उपकरण, का उत्पादन 4.4% बढ़ा, जो जुलाई के 6.8% से कम है। अप्रैल से अगस्त तक की बात करें तो इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 2.8% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.3% थी।

Advertisement
First Published - September 29, 2025 | 4:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement