facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाया तो हो जाएं सावधान, RBI की रिपोर्ट में कही गई ये बात

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप छोटे कर्ज पर डिफॉल्ट करते हैं, तो बैंक आपके सभी कर्ज को गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) मान सकते हैं।

Last Updated- December 30, 2024 | 8:54 PM IST
RBI MPC

अगर आपने पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकाया, तो आपके होम लोन या कार लोन पर भी मुसीबत आ सकती है। आरबीआई ने अपनी ताजा रिपोर्ट में ऐसा ही खतरा जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप छोटे कर्ज पर डिफॉल्ट करते हैं, तो बैंक आपके सभी कर्ज को गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) मान सकते हैं।

छोटे कर्ज, बड़ा खतरा

आरबीआई ने बताया कि सबसे ज्यादा डिफॉल्ट पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे बिना गारंटी वाले कर्ज में होते हैं। ऐसे लोग, जिन्होंने इन छोटे कर्जों के साथ घर या गाड़ी के लिए बड़े कर्ज भी लिए हैं, उनके लिए खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।

क्या कहती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब आधे उधारकर्ताओं ने क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन के साथ-साथ होम लोन या व्हीकल लोन जैसे बड़े कर्ज भी ले रखे हैं। ₹50,000 से कम के पर्सनल लोन लेने वाले 11% लोग अपने कर्ज चुकाने में देरी कर रहे हैं। खास बात यह है कि इन उधारकर्ताओं में से 60% के पास तीन या उससे ज्यादा कर्ज हैं, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और अधिक दबाव में आ सकती है।

Also Read: अच्छी खबर: Investors से फ्रॉड करने पर SEBI करेगी इन 9 कंपनियों की 23 properties की नीलामी

उपभोक्ता कर्ज की रफ्तार धीमी

महामारी के बाद उपभोक्ता कर्ज में जबरदस्त तेजी आई थी। यह हर साल 20.6% की रफ्तार से बढ़ा, जबकि कुल कर्ज की ग्रोथ 14.8% रही। लेकिन, नवंबर 2023 में आरबीआई ने इस तेजी पर ब्रेक लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए। इसके बाद उपभोक्ता कर्ज की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है।

अनसिक्योर्ड लोन पर बढ़ा दबाव

बैंकों और NBFC के लिए उपभोक्ता कर्ज में डिफॉल्ट की स्थिति भले ही स्थिर है, लेकिन पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर्ड लोन में बैड लोन (NPA) बढ़ रहा है। साथ ही, खराब खातों (SMA-2) से एनपीए बनने का ट्रेंड भी ऊपर जा रहा है।

घरेलू कर्ज का हाल

भारत का घरेलू कर्ज अभी भी जीडीपी का सिर्फ 43% है, जो अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। लेकिन पिछले तीन सालों में इसमें बढ़ोतरी जरूर हुई है। दिलचस्प बात यह है कि कम रेटिंग वाले उधारकर्ता कर्ज का इस्तेमाल ज्यादातर पर्सनल यूज के लिए करते हैं, जबकि बेहतर रेटिंग वाले लोग इसे संपत्ति बनाने, खासतौर पर घर खरीदने के लिए लेते हैं।

RBI की राय क्यों अहम है?

आरबीआई का मानना है कि जब ज्यादा रेटिंग वाले लोग कर्ज का इस्तेमाल संपत्ति बनाने में करते हैं, तो यह देश की वित्तीय स्थिरता के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन, बढ़ते डिफॉल्ट और कर्ज के दबाव को देखते हुए हर उधारकर्ता को सावधान रहने की जरूरत है। तो, अगर आपने पर्सनल लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया है, तो समय पर चुकाना न भूलें, क्योंकि छोटे कर्ज की चूक बड़ी मुसीबत बन सकती है!

Video: मोदी सरकार का Middle Class को तोहफा.. Investment के लिए सरकारी स्कीम?

First Published - December 30, 2024 | 7:56 PM IST

संबंधित पोस्ट