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तेल फिसलन पर टैक्स की बैसाखी

Last Updated- December 07, 2022 | 2:03 AM IST

तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिसलते भारत को बचाने का जिम्मा अब आयकरदाताओं के कंधे पर आ सकता है।


सरकार तेल घाटे की भरपाई के लिए इनकम और कॉरपोरेट टैक्स पर सेस (अधिभार) लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। खुद पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने मंगलवार को एक सवाल के जवाब में इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया।

दरअसल, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से नुकसान झेलतीं भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों ने सरकार के माथे पर गहरी शिकन डाल रखी है। सरकार के सामने मुश्किल यह है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में राजनीतिक कारणों से इजाफा नहीं कर सकतीं। यही वजह है कि सरकार तेल कंपनियों को राहत देने के लिए आयकर एवं निगमित कर पर अधिभार लगाने का विचार कर रही है।

हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस की कीमतों में 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ोतरी का प्रस्ताव पहले ही पेश कर चुका है। मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की, लेकिन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने और इन पर सीमा और उत्पाद शुल्क में तत्काल कमी करने पर वित्त मंत्री को वे राजी नहीं कर सके।

आयात बिल बढ़ा: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से वित्त वर्ष 2007-08 में भारत का कच्चे तेल का आयात बिल 40 फीसदी बढ़कर 68 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

कितना है नुकसान: पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, तेल कंपनियों को पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से चालू वित्त वर्ष में 2,00,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने की आशंका है। रोजाना के लिहाज से हर कंपनी को यह तकरीबन 580 करोड़ रुपये का बैठता है।

क्या होगा सितंबर के बाद: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें नहीं बढ़ाने के कारण तेल कंपनियों को नकदी की भारी किल्लत है। बीपीसीएल और एचपीसीएल के पास कच्चा तेल खरीदने के लिए जुलाई तक ही नकदी है, जबकि इंडियन ऑयल सितंबर तक कच्चा तेल खरीदने में समर्थ है।

चिदंबरम विचारमग्न, देवड़ा चिंतित

पेट्रोलियम पदार्थों के सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में कमी की जाए
पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये, जबकि डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो
रसोई गैस की कीमतों को 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाया जाए
अब सरकार चाहती है इनकमटैक्स और कॉरपोरेट टैक्स पर लगे अधिभार

First Published - May 28, 2008 | 1:22 AM IST

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