facebookmetapixel
Bharti Airtel Q3FY26 Results: मुनाफा 55% घटकर ₹6,631 करोड़, Arpu बढ़कर ₹259 पर आयाविदेश मंत्रालय का खंडन: NSA अजीत डोभाल नहीं गए अमेरिका… रुबियो से नहीं हुई कोई मुलाकातSIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?Suzlon Q3 Results: ₹445 करोड़ का मुनाफा, कमाई बढ़कर ₹4228 करोड़; फिर भी शेयर ने क्यों लगाया 4% का गोता ?भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी, मिड-मार्च तक औपचारिक समझौते का लक्ष्य: पीयूष गोयलBudget 2026 का टैक्स झटका, डिविडेंड और म्युचुअल फंड निवेश अब महंगे क्यों?₹200 तक जाएगा फर्टिलाइजर कंपनी का शेयर! हाई से 44% नीचे, ब्रोकरेज ने कहा – लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक मजबूतशेयर, सोना, डेट और रियल्टी… ​कहां-कितना लगाएं पैसा? मोतीलाल ओसवाल वेल्थ ने बताई स्ट्रैटेजीStock market outlook: बजट के बाद किन सेक्टर्स में करें निवेश? एक्सपर्ट्स ने बताए नामTata Stock: नतीजों के बाद टाटा स्टॉक पर BUY की सलाह, गुजरात सरकार के साथ डील बन सकती है गेम चेंजर

चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कहा, धनशोधन रोधक कानून में बदलाव से विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है

Last Updated- May 14, 2023 | 2:54 PM IST
anti money laundering

सनदी लेखाकारों (चार्टर्ड अकाउंटेंट) ने धनशोधन निवारण कानून के दायरे को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय की हालिया अधिसूचना पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने आशंका जताई है कि इसका कारोबारी सुगमता और विदेशी निवेश पर विपरीत असर पड़ सकता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कंपनी सचिव (सीएस) अक्सर भारत में व्यवसाय शुरू करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए एजेंट के रूप में काम करते हैं और आमतौर पर शुरुआत में पत्राचार के लिए अपना पता देते हैं।

उद्योग सूत्रों के अनुसार वे देश में उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही विदेशी कंपनी के निवासी निदेशकों के रूप में भी कार्य करते हैं और अपने ग्राहकों की ओर से बैंक खाते भी संचालित करते हैं। उद्योग सूत्रों ने कहा कि ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे एक लेखाकार यह जान सके कि एक निवेशक भारत में जो पैसा ला रहा है, वह वैध है या शोधित धन है। वे इसके स्रोत को सत्यापित नहीं कर सकते हैं।

वित्त मंत्रालय ने हाल के महीनों में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के दायरे को कड़ा और विस्तारित किया है। आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन पर वैश्विक निगरानीकर्ता की इस साल होने वाली समीक्षा के मद्देनजर ऐसा किया गया है। इस कवायद के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट, लागत लेखाकारों और कंपनी सचिवों को पीएमएलए के दायरे में शामिल किया गया है।

अगर वे अपने ग्राहकों की ओर से लेनदेन करते हैं, तो उनपर यह कानून लागू होगा। इन लेनदेन में संपत्तियों की खरीद और बिक्री, बैंक खातों या अन्य संपत्तियों का प्रबंधन और कंपनियों का प्रबंधन शामिल है।

First Published - May 14, 2023 | 2:54 PM IST

संबंधित पोस्ट