प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो के शुद्ध लाभ में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सालाना और क्रमिक दोनों आधारों पर गिरावट दर्ज की गई। इसे मुख्य तौर पर अधिग्रहण, प्रतिभा लागत और करों का झटका लगा। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 21 फीसदी घटकर 2,563.6 करोड़ रुपये रह गया जबकि क्रमिक आधार पर इसमें 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 17.9 फीसदी बढ़कर 21,528 करोड़ रुपये हो गया और क्रमिक आधार पर इसमें 3.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के आईटी सेवा राजस्व सालाना आधार पर 13.3 फीसदी बढ़कर 2.73 अरब डॉलर हो गया।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान राजस्व और शुद्ध आय दोनों मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन ब्लूमबर्ग के अनुमानों से कमजोर रहा। ब्लूमबर्ग ने राजस्व करीब 21,545 करोड़ रुपये और शुद्ध आय 2,996 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जाहिर किया था।
तिमाही के दौरान विप्रो का प्रदर्शन बाजार के अनुमानों पर खरा नहीं उतरा लेकिन उसने दूसरी तिमाही के राजस्व में 3 से 5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जाहिर किया है। कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 में उसे दो अंकों में वृद्धि हासिल होने की उम्मीद है।
विप्रो के सीईओ एवं एमडी थियरी डेलापोर्ट ने कहा, ‘3 से 5 फीसदी के अनुमान का मतलब स्थिर मुद्रा आधार पर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 11.6 फीसदी से 13.8 फीसदी वृद्धि है। इस अनुमान के साथ हम वित्त वर्ष 2023 में दो अंकों में वृद्धि हासिल करने के लिए आवश्वस्त हैं।’
कंपनी ने कहा कि उसके ऑर्डबुक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। टीसीवी में सालाना आधार पर 30 फीसदी और एसीवी में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। कंपनी ने यह भी कहा है कि तिमाही के दौरान उसने 1.1 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए जो पिछली तिमाही के मुकाबले 3 गुना अधिक है।
तिमाही के दौरान विप्रो ने 54 करोड़ डॉलर के एक सौदे के तहत सैप परामर्श फर्म राइजिंग के अधिग्रहण की घोषणा की। तिमाही के दौरान कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने की दर घटकर 23.3 फीसदी रह गई जो एक तिमाही पहले 23.8 फीसदी थी। तिमाही के दौरान कंपनी ने 10,000 से अधिक फ्रेशर सहित 15,446 कर्मचारियों को नियुक्त किया।
इंडसइंड बैंक का लाभ 64 फीसदी बढ़ा
इंडसइंड बैंक का एकल शुद्ध लाभ जून तिमाही में सालाना आधार पर 64.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,603.29 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शुद्ध ब्याज आय में बढ़ोतरी से लाभ को सहारा मिला। बैंक का कर पश्चात लाभ इस अवधि में 974.95 करोड़ रुपये रहा। क्रमिक आधार पर शुद्ध लाभ 17.8 फीसदी बढ़ा, जो मार्च तिमाही में 1,361.37 करोड़ रुपये रहा था।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 16 फीसदी की बढ़त के साथ 4,215 करोड़ रुपये रही। क्रमिक आधार पर इसमें 4 फीसदी का इजाफा हुआ। बैंक ने विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.21 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.06 फीसदी और मार्च तिमाही में 4.20 फीसदी रहा था। जून तिमाही में बैंक की अन्य आय 12 फीसदी की बढ़त के साथ 932 करोड़ रुपये रही। बैंक का सकल एनपीए इसअवधि में 2.35 फीसदी रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 2.88 फीसदी रहा था, लेकिन मार्च तिमाही के 2.27 फीसदी से ज्यादा रहा।
शुद्ध एनपीए 0.67 फीसदी रहा, जो एक साल पहले 0.84 फीसदी और मार्च तिमाही में 0.64 फीसदी रहा था।
एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक का लाभ बढ़ा
शुद्ध ब्याज आय में सुधार के दम पर एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक का शुद्ध लाभ जून तिमाही में सालाना आधार पर 32 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 268 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 203 करोड़ रुपये रहा था। क्रमिक आधार पर लाभ हालांकि 23 फीसदी घट गया क्योंकि वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में लाभ 346 करोड़ रुपये रहा था।
बैंक का शेयर बुधवार को बीएसई पर 1.92 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 576.75 रुपये पर बंद हुआ।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में 35 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 976 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। क्रमिक आधार पर शुद्ध ब्याज आय में 4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि शुद्ध ब्याज मार्जिन घटकर 5.9 फीसदी रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 6 फीसदी रहा था।
बैंक का सकल एनपीए जून 2022 में घटकर 1.96 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.31 फीसदी रहा था। शुद्ध एनपीए घटकर 0.56 फीसदी रहा, जो एक साल पहले 2.26 फीसदी रहा था।