facebookmetapixel
SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?Defence Stock: हाई से 46% नीचे कर रहा ट्रेड, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का मौका; अब पकड़ेगा रफ़्तारDefence Stocks: ऑर्डर तो बहुत हैं, पर कमाई चुनिंदा कंपनियों की- नुवामा ने बताए पसंदीदा शेयरजर्मनी-जापान तक जाएगी भारत की ग्रीन ताकत, काकीनाडा बना केंद्र; 10 अरब डॉलर का दांव

बोर्ड से मिली मंजूरी, NCD से 2500 करोड़ जुटाएगी वेदांत

पहले की सूचना में कंपनी ने कहा था कि रकम जुटाने की कवायद पुराने के बदले नया कर्ज जुटाना कंपनी के सामान्य कामकाज का हिस्सा है।

Last Updated- September 21, 2023 | 10:03 PM IST
vedanta share price

वेदांत के निदेशक मंडल ने मंगलवार को गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों (एनसीडी) के निजी नियोजन के जरिये 2,500 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी। कंपनी ने एक्सचेंजों को यह जानकारी दी है। यह रकम सुरक्षित, बिना रेटिंग, असूचीबद्ध, भुनाए जाने योग्य एनसीडी के जरिये एक या एक से अधिक चरणों में जुटाई जाएगी।

कंपनी ने यह जानकारी दी। पहले की सूचना में कंपनी ने कहा था कि रकम जुटाने की कवायद पुराने के बदले नया कर्ज जुटाना कंपनी के सामान्य कामकाज का हिस्सा है। जून 2023 में कंपनी का एकीकृत कर्ज 73,500 करोड़ रुपये और शुद्ध कर्ज 59,200 करोड़ रुपये था। मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी को लंबी अवधि की परिपक्वता वाले 11,000 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान करना है। विश्लेषकों के साथ हालिया बातचीत में ये बातें कही गई थी।

पुराने के बदले नया कर्ज लेने की कंपनी की योजना उम्मीद के मुताबिक है, जैसा कि पहले रेटिंग एजेंसियों ने वेदांत के कर्ज की ग्रेडिंग के समय पाया था। मार्च में क्रिलि ने उसका परिदृश्य स्थिर से नकारात्मक कर दिया था, जिसकी वजह उम्मीद से ज्यादा वित्तीय लिवरेज व वित्तीय लचीलापन कम रहना था।

क्रिसिल ने यह कहा, वह उम्मीद करती है कि वेदांत वित्त वर्ष 23 व वित्त वर्ष 24 में अपने पुराने कर्ज के बड़े हिस्से के लिए नए कर्ज पर विचार करेगी, जो उसके मजबूत बैंकिंग संबंध व पुराने के बदले नए कर्ज लेने के ट्रैक रिकॉर्ड पर आधारित है।

उसी महीने इंडिया रेटिंग्स ने कंपनी को लेकर अपना परिदृश्य यह कहते हुए नकारात्मक कर दिया था कि यह संशोधन बढ़ी लागत पर पुराने के बदले नए कर्ज को लेकर ज्यादा जोखिम को प्रतिबिंबित करता है क्योंकि वित्त वर्ष 24 व वित्त वर्ष 25 में वेदांत व प्रवर्तक कंपनी वेदांत रिसोर्सेस कर्ज भुगतान की समयसीमा है।

रेटिंग विश्लेषक इस बात से सहमत हैं कि भारत में सूचीबद्ध कंपनी के पास पर्याप्त नकदी है, लेकिन यही चीजें मूल कंपनी पर पूरी तरह से फिट नहीं बैठती, यानी वहां नकदी में कमी है।

First Published - September 21, 2023 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट