सिप्ला ने बुधवार को एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसकी प्रमुख अमेरिकी दवा लैनरियोटाइड इंजेक्शन की आपूर्ति अल्पावधि में सीमित रहेगी। इसकी वजह यह है कि उसके विशेष निर्माण भागीदार फार्माथेन इंटरनैशनल एस.ए. ने यूएस एफडीए के निरीक्षण के बाद उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
अमेरिकी दवा नियामक ने 10 से 21 नवंबर, 2025 के बीच ग्रीस में फार्माथेन की रोडोपी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उसने फॉर्म 483 में नौ निरीक्षण आपत्तियां जारी कीं। फॉर्म 483 का एक संपादित वर्जन 7 जनवरी को सार्वजनिक किया गया, जिससे मीडिया में खबरें आईं और सिप्ला के शेयर की कीमत में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया।
लैनरियोटाइड इंजेक्शन का इस्तेमाल एक्रोमेगली (ग्रोथ हार्मोन डिस ऑर्डर) और गैस्ट्रोएंटेरोपैंक्रियाटिक न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के लंबे इलाज में किया जाता है। इसका इस्तेमाल उन मरीजों में किया जाता है, जिनका इलाज सर्जरी या रेडिएशन से नहीं किया जा सकता। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 में उसने लगभग 13.5 करोड़ डॉलर का योगदान दिया जो सिप्ला की कुल अमेरिकी बिक्री का लगभग 15 प्रतिशत है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि सिप्ला के लैनरियोटाइड उत्पाद वित्त वर्ष 2026 में 11.5 करोड़ डॉलर, वित्त वर्ष 2027 में 10.9 करोड़ डॉलर और 2028 में 9.7 करोड़ डॉलर का योगदान देंगे।
विशेष रूप से फार्माथेन द्वारा सिप्ला की अमेरिकी सहायक इकाई सिप्ला यूएसए इंक. को आपूर्ति किया जाने वाला लैनरियोटाइड अमेरिकी बाजार में कंपनी के तीन प्रमुख उत्पादों में शुमार है। सिप्ला ने कहा कि सुधार के लिए उत्पादन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। उम्मीद है कि नियामकीय और गुणवत्ता संबंधित मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में आपूर्ति फिर शुरू हो जाएगी। तब तक, इसकी आपूर्ति सीमित रहेगी।
बुधवार को सिप्ला का शेयर करीब 4 फीसदी गिर गया, जबकि एनएसई फार्मा इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी आई।