facebookmetapixel
Budget 2026: क्या निर्मला सीतारमण टैक्स कटौती और भारी निवेश से अमेरिकी टैरिफ का चक्रव्यूह तोड़ेंगी?IMD Weather Alert: फरवरी में सताएगी समय से पहले गर्मी, रबी फसलों और अन्य पैदावार पर मंडराया खतराSun Pharma का मुनाफा 16% उछला: Q3 में कमाए ₹3,369 करोड़, नए प्रोडक्ट्स ने बढ़ाई कंपनी की रफ्तारBudget 2026: बाजार के शोर में न खोएं आप, एक्सपर्ट से समझें निवेश को मुनाफे में बदलने का मंत्रBudget 2026: म्युचुअल फंड प्रोडक्ट्स में इनोवेशन की जरूरत, पॉलिसी सपोर्ट से मिलेगा बूस्टसिगरेट-तंबाकू होगा महंगा और FASTag के नियम होंगे आसान! 1 फरवरी से होने जा रहे हैं ये बड़े बदलावसनराइज सेक्टर्स के लिए SBI का मेगा प्लान: ‘CHAKRA’ से बदलेगी ₹100 लाख करोड़ के बाजार की किस्मतशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! अगले हफ्ते ITC और BPCL समेत 50+ कंपनियां देंगी डिविडेंड का बड़ा तोहफाBudget 2026: वरिष्ठ नागरिकों को वित्त मंत्री से बड़ी आस; क्या ब्याज, आय और हेल्थ प्रीमियम पर मिलेगी टैक्स छूट?राजनीतिक ध्रुवीकरण से शेयर बाजार और निवेशकों में बढ़ी चिंता: नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी

6 गीगाहर्ट्ज बैंड का उपयोग भारत के लिए होगा फायदेमंद: GSMA अधिकारी

GSMA भारत से 6 गीगाहर्ट्ज बैंड के उपयोग का समर्थन करने का आग्रह करता है

Last Updated- December 13, 2023 | 10:13 PM IST
Company incurred loss of Rs 773 crore but investors got 200% return in 1 year, merger with BSNL will increase the speed of shares! कंपनी 773 करोड़ रुपये के घाटे में मगर निवेशकों को 1 साल में मिला 200% रिटर्न, BSNL के साथ मर्जर बढ़ाएगा शेयरों की स्पीड!

5जी और 6जी उपयोग के लिए 6गीगाहर्ट्ज निर्धारित किए जाने से भारत को लाभ होगा तथा वैश्विक स्तर पर इस बैंड के उपयोग के संबंध में आम सहमति बनाने के लिए अन्य देशों द्वारा की जा रही कोशिशों का विरोध नहीं करना चाहिए। जीएसएमए के एक शीर्ष अधिकारी ने दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे एक पत्र में ऐसा कहा है।

जीएसएमए मोबाइल ऑपरेटरों का वैश्विक संघ है और इसमें 1,000 से ज्यादा सदस्य हैं। जीएसएमए के महानिदेशक मैट्स ग्रैनरिड द्वारा 12 दिसंबर को लिखे गए पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि विश्व रेडियो संचार सम्मेलन 2023 (डब्ल्यूआरसी-23) में वैश्विक वार्ता अंतिम चरण में है और 5जी तथा उससे आगे की क्षमता जरूरतों को पूरा करने के लिए 6 गीगाहर्ट्ज बैंड के उपयोग पर आम सहमति बन रही है।

5G सेवाओं के लिए ऊपरी स्तर का 6 गीगाहर्ट्ज बैंड आवंटित किया जाए या नहीं, इस बात पर फिलहाल डब्ल्यूआरसी -23 में बातचीत चल रही है।

पत्र में कहा गया है कि उल्लिखित बैंड मिड-बैंड स्पेक्ट्रम का अंतिम महत्वपूर्ण निरंतर ब्लॉक है जो अभी भी सुलभ है। इसमें उल्लेख किया गया है कि यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका के विभिन्न देशों के साथ-साथ रूस, ब्राजील, मैक्सिको और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण देश सभी इस अतिरिक्त मिड-बैंड स्पेक्ट्रम की मांग कर रहे हैं।

इसमें आगे कहा गया है, भारत को इस अतिरिक्त क्षमता से बहुत कुछ हासिल होगा, खासकर डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग और 5जी सहित डिजिटल दुनिया में अग्रणी स्थिति से। अन्य शीर्ष 5जी देशों के साथ बने रहने के लिए, भारत को स्पेक्ट्रम योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है, और 6 गीगाहर्ट्ज क्षमता इसमें मदद करेगी।

6GHz शब्द मध्य-बैंड रेंज में आने वाली 5.925 GHz से 7.125 GHz तक की फ्रीक्वैंसी को कवर करता है। ग्रैनरिड के अनुसार, जीएसएमए मानता है कि भारत ने 5जी और उससे आगे के लिए 6 गीगाहर्ट्ज़ आवंटित करने का राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय नहीं लिया है।

पत्र में कहा गया है, “हम WRC-23 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल को इस बैंड पर आम सहमति तक पहुंचने में अन्य देशों के सहयोगात्मक प्रयासों का विरोध न करने की सलाह देने में आपकी मदद चाहते हैं। यह 6 गीगाहर्ट्ज़ उपकरण ईकोसिस्टम के विकास को सक्षम करेगा, जिससे भारतीय ऑपरेटरों और निर्माताओं के लिए अवसर उपलब्ध होंगे, ”

First Published - December 13, 2023 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट