facebookmetapixel
ऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकसको-ओनर होने पर ही को-बॉरोअर को होम लोन पर कटौती का फायदाEU ट्रेड डील से तिरुपुर को बड़ी राहत, परिधान निर्यात में बांग्लादेश से आगे निकलने की उम्मीद

MTNL नहीं चुका पाई पंजाब एंड सिंध बैंक का कर्ज, शेयर ऑल टाइम हाई पर पहुंचे; केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दिया बयान

MTNL ने पिछले साल जुलाई में 7.59 प्रतिशत की छमाही कूपन दर के साथ 10 साल के सरकारी गारंटी वाले बॉन्डों के जरिये 2,480 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Last Updated- July 19, 2024 | 11:00 PM IST
MTNL

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) ने पंजाब ऐंड सिंध बैंक का 37.5 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज नहीं चुकाया है। वित्तीय संकट से जूझ रही इस सरकारी दूरसंचार कंपनी ने आज स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि उसने कर्ज की मूल राशि की 10 जुलाई को निकलने वाली किस्त नहीं चुकाई है। उसने कहा कि कुल बकाया मूल राशि 5,480.2 करोड़ रुपये है। कंपनी ने एक्सचेंजों से कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कुल 7,780.2 करोड़ रुपये का उधार उस पर बाकी है। कंपनी पर कुल 31,851.2 करोड़ रुपये कर्ज है।

दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि दूरसंचार विभाग MTNL पर बारीकी से नजर रख रहा है। MTNL के साथ एक हफ्ते में दूसरी बार ऐसा हुआ है। इससे पहले बुधवार को कंपनी अपने बॉन्डधारकों को गारंटीशुदा छमाही ब्याज नहीं दे पाई थी, जिसे चुकाने के लिए सरकार ने दखल दिया था।

MTNL ने पिछले साल जुलाई में 7.59 प्रतिशत की छमाही कूपन दर के साथ 10 साल के सरकारी गारंटी वाले बॉन्डों के जरिये 2,480 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसका ब्याज उसे 20 जुलाई को चुकाना है मगर कंपनी ने पिछले हफ्ते एक्सचेंजों को बताया कि धन की कमी के कारण वह ब्याज नहीं दे पाएगी।

MTNL, दूरसंचार विभाग और डिबेंचर ट्रस्टी बीकन ट्रस्टीशिप लिमिटेड के बीच समझौता हुआ था। इस समझौते में कहा गया है कि जिस तारीख को ब्याज चुकाया जाना है, उससे दस दिन पहले एमटीएनएल एस्क्रो खाते में पर्याप्त रकम डाल देगी। चूंकि कंपनी ने ब्याज देने में असमर्थता जताई थी, इसलिए सरकार ने दखल देते हुए तीन दिन पहले यानी 17 जुलाई को जरूरी रकम उस ट्रस्ट तथा खाते में डाल दी।

दिलचस्प है कि इस घटना के बाद गुरुवार को MTNL का शेयर 64.08 रुपये पर पहुंच गया, जहां वह इससे पहले कभी नहीं जा पाया था। शुक्रवार यानी आज 10 फीसदी तेजी के साथ शेयर 70.48 रुपये तक चला गया।

First Published - July 19, 2024 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट