facebookmetapixel
Budget 2026: बाजार के शोर में न खोएं आप, एक्सपर्ट से समझें निवेश को मुनाफे में बदलने का मंत्रBudget 2026: म्युचुअल फंड प्रोडक्ट्स में इनोवेशन की जरूरत, पॉलिसी सपोर्ट से मिलेगा बूस्टसिगरेट-तंबाकू होगा महंगा और FASTag के नियम होंगे आसान! 1 फरवरी से होने जा रहे हैं ये बड़े बदलावसनराइज सेक्टर्स के लिए SBI का मेगा प्लान: ‘CHAKRA’ से बदलेगी ₹100 लाख करोड़ के बाजार की किस्मतशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! अगले हफ्ते ITC और BPCL समेत 50+ कंपनियां देंगी डिविडेंड का बड़ा तोहफाBudget 2026: वरिष्ठ नागरिकों को वित्त मंत्री से बड़ी आस; क्या ब्याज, आय और हेल्थ प्रीमियम पर मिलेगी टैक्स छूट?राजनीतिक ध्रुवीकरण से शेयर बाजार और निवेशकों में बढ़ी चिंता: नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी₹10 वाला शेयर बनेगा ₹1 का! SME कंपनी करने जा रही स्टॉक स्प्लिट, जानें क्या है रिकॉर्ड डेटStocks To Watch On February 1: Bajaj Auto से लेकर BoB तक, बजट वाले दिन इन 10 स्टॉक्स पर रखें ख़ास नजरQ3 Results: Sun Pharma से लेकर GAIL और IDFC first bank तक, आज 72 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे

स्पेक्ट्रम नीलामी की सीमित बोली के बीच जियो से ज्यादा बोली लगा सकती है एयरटेल

विश्लेषकों के अनुसार स्पेक्ट्रम के नवीनीकरण की जरूरत और कुछ सर्कलों में 900 मेगाहर्ट्ज की जरूरत के कारण ऐसा हो सकता है।

Last Updated- May 28, 2024 | 10:39 PM IST
bharati airtel

भारती एयरटेल आगामी नीलामी में बाजार की अग्रणी रिलायंस जियो की तुलना में ज्यादा स्पेक्ट्रम के लिए संचयी रूप से बोली लगा सकती है। विश्लेषकों के अनुसार स्पेक्ट्रम के नवीनीकरण की जरूरत और कुछ सर्कलों में 900 मेगाहर्ट्ज की जरूरत के कारण ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी नीलामी में नरम बोली की संभावना के बावजूद जियो की तुलना में एयरटेल ज्यादा बोलियां लगा सकती है।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हालांकि भारती और वी को कुछ सर्कलों में 900 मेगाहर्ट्ज का नवीनीकरण कराना है, लेकिन भारती इस अवसर का उपयोग अपनी एक गीगाहर्ट्ज से कम वाली होल्डिंग मजबूत करने के लिए भी कर सकती है।’

इस निवेश सलाहकार फर्म को उम्मीद है कि एयरटेल का 10,400 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम व्यय जियो के 900 करोड़ रुपये के परिव्यय और वोडाफोन आइडिया (वी) के 1,200 करोड़ रुपये के परिव्यय से ज्यादा हो सकता है। उसका कहना है कि अगर दूरसंचार कंपनियां सबसे सहज भुगतान विकल्प चुनती हैं तो वित्त वर्ष 25 में सरकार की प्राप्तियां 1,200 करोड़ रुपये होंगी।

विश्लेषकों ने नीलामी अधिसूचित होने के बाद मार्च में अनुमान जताया था कि भारती एयरटेल को छह सर्कलों में 1800 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में कम से कम 42 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लाइसेंस का नवीकरण कराना है। इसलिए यह दूरसंचार कंपनी आरक्षित कीमत पर 3,800 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

इस बीच जियो ने जो शुरुआती संकेत दिए थे, उनकी तुलना में वह काफी कम स्पेक्ट्रम ले सकती है। चूंकि जियो के पास पहले से ही पर्याप्त स्पेक्ट्रम हैं, इसलिए वह सर्वाधिक धरोहर राथि (ईएमडी) के बावजूद केवल चार सर्कलों में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए ही बोली लगा सकती है। रिलायंस जियो ने सबसे अधिक 3,000 करोड़ रुपये जमा किए हैं।

First Published - May 28, 2024 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट