टाटा मोटर्स की सहायक इकाई टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (टीपीईएमएल) ने साणंद में फोर्ड के यात्री कार विनिर्माण संयंत्र के अधिग्रहण के लिए सोमवार को फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गुजरात सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू पर गुजरात सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव- उद्योग (एसीएस) राजीव कुमार गुप्ता, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्र और फोर्ड इंडिया के कंट्री हेड बालसुंदरम राधाकृष्णन ने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही फोड इंडिया के साणंद संयंत्र में टाटा मोटर्स की सहायक इकाई टीपीईएमएल द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण का रास्ता साफ हो गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इस एमओयू में गुजरात सरकार और फोर्ड इंडिया के बीच 2011 में हस्ताक्षरित समझौते के तहत कंपनी को मिलने वाले प्रोत्साहन भी शामिल हैं जो अब टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड को मिलेंगे। इस एमओयू के तहत टाटा मोटर्स साणंद में फोर्ड इंडिया के संयंत्र में कार्यरत सभी श्रमिकों सहित भूमि, संयंत्र भवन, मशीनरी और वाहन असेंबली का अधिग्रहण करेगी। फोर्ड के साणंद संयंत्र फिलहाल प्रत्यक्ष तौर पर 3,043 रोजगार और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 20,000 रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
कुल 460 एकड़ भूमि में से करीब 350 एकड़ भूमि पर फोर्ड इंडिया का वाहन असेंबली संयंत्र है जबकि 110 एकड़ भूमि पर इंजन विनिर्माण संयंत्र है। फोर्ड इंडिया साणंद संयंत्र में इंजन का उत्पादन जारी रखेगी जिसके लिए टाटा मोटर्स द्वारा कंपनी को पट्टा दिया जाएगा। इसके लिए बिजली, जल, अपशिष्ट उपचार संयंत्र एवं अन्य सुविधाओं का उपयोग दोनों कंपनियां साथ मिलकर करेंगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया 90 दिनों के भी तर पूरी हो गई।