facebookmetapixel
Advertisement
चीन को मात देने की तैयारी! भारत में बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा, मिलेंगे 20 लाख नए रोजगारशेयर बाजार में हाहाकार: क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार होते ही सेंसेक्स 813 अंक टूटा, निफ्टी 23,431 पर बंदBRICS में भारत को $226 अरब का बड़ा घाटा, चीन और रूस से कितना बिगड़ा व्यापार का हिसाब?रिफंड के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं, NCH ने 16 महीनों में ग्राहकों को दिलाए ₹105 करोड़रेरा के 10 साल बाद भी घर खरीदार बेहाल, 27.6 लाख परिवारों के ₹12.44 लाख करोड़ अटकेHDFC AMC पर जेफरीज और मोतीलाल ओसवाल बुलिश, शेयर में 31% तेजी की उम्मीद; जानिए ग्रोथ के बड़े ट्रिगरटॉप-5 मिड कैप फंड्स ने दिया 19 फीसदी से ज्यादा का सालाना रिटर्न, 5 साल में AUM 266 फीसदी बढ़ा10%, 20% या और अधिक? इंश्योरेंस क्लेम करते वक्त कितना देना पड़ता है ‘को-पेमेंट’, एक्सपर्ट से समझें पूरा मसलाबढ़ती चीनी कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 15 अक्टूबर से पेराई सत्र को दी मंजूरी, कम होंगे दाम?बाजार में आज जमकर हुई बिकवाली! गुरुवार के लिए कैसे हैं संकेत? एक्सपर्ट ने दी ये सलाह

3 साल बाद टाटा मोटर्स के स्थायी कर्मचारी बढ़े

Advertisement

कंपनी ने कहा कि इस बीच अस्थायी कर्मचारियों की औसत संख्या वित्त वर्ष 23 में घटकर 36,082 कर्मचारी रह गई, जबकि वित्त वर्ष 22 में इन कर्मचारियों की संख्या 40,717 थी।

Last Updated- June 28, 2023 | 11:19 PM IST
Tata Motors

तीन साल तक गिरावट के बाद वर्ष 2022-23 (वित्त वर्ष 23) के दौरान टाटा मोटर्स के स्थायी कर्मचारियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 11.14 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 81,811 हो गई। मंगलवार रात जारी कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

कंपनी ने कहा कि इस बीच अस्थायी कर्मचारियों की औसत संख्या वित्त वर्ष 23 में घटकर 36,082 कर्मचारी रह गई, जबकि वित्त वर्ष 22 में इन कर्मचारियों की संख्या 40,717 थी।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में हमारी कर्मचारी लागत 9.2 प्रतिशत तक बढ़कर 33,655 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2021-22 में 30,809 करोड़ रुपये थी। इसमें विदेशी मुद्रा (पॉउंड) का भारतीय रुपये पर असर भी शामिल है। वित्त वर्ष 23 में भारतीय रुपये की तुलना में पॉउंड में नरमी आई है।

जगुआर लैंड रोवर में कर्मचारी लागत वित्त वर्ष 23 के दौरान 6.2 प्रतिशत तक बढ़कर 24,502 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 22 में 23,058 करोड़ रुपये थी। कर्मचारियों औसत संख्या और वार्षिक वेतन वृद्धि की वजह से कर्मचारी लागत में यह इजाफा हुआ।

कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 23 के दौरान कंपनी के वाणिज्यिक वाहन अनुभाग में कर्मचारी लागत 10.4 प्रतिशत तक बढ़कर 5,073 करोड़ रुपये हो गई।

Advertisement
First Published - June 28, 2023 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement