facebookmetapixel
Jio BlackRock AMC का इन्वेस्टर बेस 10 लाख तक: 18% नए निवेशक शामिल, 2026 का रोडमैप जारीBudget 2026: MSME सेक्टर और छोटे कारोबारी इस साल के बजट से क्या उम्मीदें लगाए बैठे हैं?PhonePe IPO को मिली SEBI की मंजूरी, कंपनी जल्द दाखिल करेगी अपडेटेड DRHPBudget 2026: क्या इस साल के बजट में निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म कर देगी?Toyota ने लॉन्च की Urban Cruiser EV, चेक करें कीमत, फीचर्स, डिजाइन, बैटरी, बुकिंग डेट और अन्य डिटेलसोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, गोल्ड पहली बार ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹3.30 लाख के करीबPSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेटबैंकिंग सेक्टर में बदल रही हवा, मोतीलाल ओसवाल की लिस्ट में ICICI, HDFC और SBI क्यों आगे?Suzlon Energy: Wind 2.0 से ग्रोथ को लगेंगे पंख! मोतीलाल ओसवाल ने कहा- रिस्क रिवार्ड रेश्यो बेहतर; 55% रिटर्न का मौका₹12.80 से 21% फिसला वोडाफोन आइडिया का शेयर, खरीदें, होल्ड करें या बेचें?

बाइक टैक्सी और छोटे शहरों पर उबर का दांव, भारत के लिए कंपनी ने बनाई नई आक्रामक रणनीति

नियामकीय स्पष्टता के बाद भारत में उबर द्वारा बाइक टैक्सी, छोटे शहरों में विस्तार, बी2बी लॉजिस्टिक्स और मेट्रो टिकटिंग जैसे नए कारोबारों पर आक्रामक रूप से काम किया जा रहा है

Last Updated- December 29, 2025 | 10:40 PM IST
Prabhjeet Singh UBER
उबर के भारतीय एवं दक्षिण एशियाई कारोबार के अध्यक्ष प्रभजीत सिंह | फाइल फोटो

उबर भारतीय बाजार पर अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ट्रिप वॉल्यूम के लिहाज से भारत उबर के लिए अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक बाजार है। उबर के भारतीय एवं दक्षिण एशियाई कारोबार के अध्यक्ष प्रभजीत सिंह ने पीरजादा अबरार से बातचीत में नियामकीय स्पष्टता के बाद बाइक टैक्सी में जबरदस्त तेजी, छोटे शहरों में विस्तार और बी2बी लॉजिस्टिक्स एवं ट्रांजिट टिकटिंग जैसे नए कारोबारों पर कंपनी की योजनाओं के बारे में खुलकर चर्चा की। मुख्य अंश:

उबर के वैश्विक पोर्टफोलियो में भारत का क्या स्थान है और अगले 2-3 वर्षों के दौरान विस्तार के लिए आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

अमेरिका और ब्राजील के बाद यात्रा की संख्या के हिसाब से भारत उबर के लिए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। साथ ही यह सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। भारत में उबर का मोबिलिटी पोर्टफोलियो काफी विविध है जहां कार के अलावा तिपहिया, दोपहिया, इंटरसिटी यात्रा और उबर रिजर्व जैसी श्रेणियां हैं। हाल में हमने ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) के जरिये बी2बी लॉजिस्टिक्स में दस्तक देने की घोषणा की है। इससे व्यापारियों को हमारे डिलिवरी परिवेश का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

बी2बी लॉजिस्टिक्स और मेट्रो टिकटिंग की ओर रुख करने के पीछे क्या तर्क है?

बी2बी लॉजिस्टिक्स वाणिज्य के डिजिटलीकरण और दूरदराज के इलाकों तक आपूति की उम्मीदों का समर्थन करता है। हम क्विक कॉमर्स में जबरदस्त तेजी देख रहे हैं और व्यापारी अब दूरदराज के इलाकों तक डिलिवरी समाधान उपलब्ध कराने वालों को तलाश रहे हैं। हमारे पास 15 लाख सक्रिय ड्राइवरों का व्यापक नेटवर्क पहले से ही है और कोरियर एवं कोरियर एक्सएल के जरिये तेजी से बढ़ता बी2सी लॉजिस्टिक्स कारोबार है। इस क्षमता को बी2बी तक बढ़ाना स्वाभाविक प्रगति है। जहां तक ट्रांजिट टिकटिंग का सवाल है तो कई उपभोक्ता पहले से ही मेट्रो स्टेशनों तक आने-जाने के लिए उबर की सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।

लॉजिस्टिक्स फर्मों के एकीकरण से उपजी चुनौतियों और प्रतिस्पर्धा से आप किस तरह निपट रहे हैं?

ओएनडीसी भागीदारी को रफ्तार देता है। मेट्रो टिकटिंग के लिए हम ओएनडीसी के जरिये जुड़ रहे हैं और नेटवर्क पर कुशलता से विस्तार कर रहे हैं। बी2बी लॉजिस्टिक्स के लिए हम केवल ओएनडीसी के जरिये कारोबार कर रहे हैं। भारत में प्रतिस्पर्धा एक हकीकत है। बाजार की समझ वाले मजबूत स्थानीय खिलाड़ी भी हैं। मगर हम प्रतिस्पर्धा के प्रति केवल जागरूक हैं जुनूनी नहीं।

भारत में आपका ऐसा कौन सा नवाचार है जिसे वैश्विक स्तर पर अपनाया गया?

हम विश्व स्तर पर 70 से अधिक देशों में काम करते हैं। अगर हम किसी भी बाजार के लिए कोई नवाचार करते हैं तो वास्तव में उसे भारत लाने का अवसर होता है। भारत का आकार और विविधता इसे एक दमदार नवाचार का केंद्र भी बनाती है। यहां के हमारे कई नवाचार वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक हैं। उबर इंटरसिटी इसका एक उदाहरण है। हम भारत में सबसे बड़े इंटरसिटी सेवा प्रदाता हैं। यह नवाचार सबसे पहले भारत में किया गया और उसके बाद उसे लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया सहित कई वैश्विक बाजारों में शुरू किया गया है। अधिकतर इंजीनियरिंग एवं योजना पर सोचने का काम भारत में होता है। हम सुरक्षा में भी नवाचार कर रहे हैं जहां राइडचेक जैसी विशेषताएं हैं।

आप बाजार में प्रतिस्पर्धा को, विशेष रूप से बाइक टैक्सी में, कैसे देखते हैं?

भारत में कई प्रतिस्पर्धी हैं जो आकार और अवसर की विविधता दर्शाते हैं। तमाम कंपनियां किफायत, प्रीमियम, ईवी ओनली और इंटरसिटी मॉडल में काम करती हैं। मगर हम अपने व्यापकता एवं उत्पाद विविधता के जरिये कई उपभोक्ता श्रेणी में बेहतर होना चाहते हैं। एक ओर हम प्रीमियम एवं कॉरपोरेट उपभोक्ताओं के लिए काम कर रहे हैं, तो दूसरे छोर पर दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं।

छोटे एवं मझोले शहरों में गहरी पैठ के लिए आपकी रणनीति क्या है?

हम 125 से अधिक शहरों में काम करते हैं। विस्तार के लिए हम काफी सोच-समझकर कदम उठाते हैं। हम सेवाओं को भरोसेमंद बनाने और उनमें सुधार पर ध्यान देते हैं। छोटे शहरों में अक्सर दोपहिया और तिपहिया को पसंद किया जाता है जहां हम उबर गो के मुकाबले इनका प्रमुख साधन के रूप में उपयोग करते हैं।

उबर गिग कर्मियों को लाभ, ईवी पर जोर और भीड़भाड़ के दौरान मूल्य निर्धारण जैसे मुद्दों पर नीति निर्माताओं के साथ किस प्रकार तालमेल बिठा रही है?

मोटर व्हीकल एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2025 राइड हेलिंग प्लेटफॉर्मों को दीर्घकालिक निवेश करने के लिए स्थिर ढांचा प्रदान करते हैं। अब तमाम राज्य इन्हें अपना रहे हैं।

First Published - December 29, 2025 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट