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पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिशों के बावजूद भारत में पर्यटन से होने वाली कमाई इतनी कम क्यों है?

क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादा पर्यटकों की तादाद को ऊंची कमाई में बदलने के लिए पूरे सिस्टम को मजबूत करना होगा

Last Updated- December 30, 2025 | 6:05 PM IST
Tourism sector
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत में पर्यटन का कारोबार रोजगार पैदा करने वाला बड़ा क्षेत्र है, लेकिन इसका असली आर्थिक फायदा अभी पूरी तरह नहीं मिल पा रहा। क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादा पर्यटकों की तादाद को ऊंची कमाई में बदलने के लिए पूरे सिस्टम को मजबूत करना होगा। छोटे-मोटे कारोबारियों की क्षमता बढ़ानी होगी, जगहों की बुनियादी सुविधाएं बेहतर करनी होंगी और सर्विस की क्वालिटी सुधारनी होगी।

क्रिसिल इंटेलिजेंस द्वारा जारी इस रिपोर्ट का नाम है ‘टूरिज्म फॉर लिवलीहुड्स: बिल्डिंग सर्किट्स ऑफ ग्रोथ इन इंडिया’। इसमें बताया गया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ यहां का उद्यमी माहौल और घरेलू मांग इसे दुनिया की बड़ी पर्यटन ताकत बना सकती है। अगर सही सुधार किए जाएं, तो पर्यटन लाखों घरों के लिए मजबूत रोजगार और कमाई का जरिया बन सकता है, खासकर गांवों और शहरों दोनों में।

2024 में पर्यटन देश का सबसे बड़ा गैर-कृषि रोजगार देने वाला क्षेत्र रहा। इसमें कुल कार्यबल का 13 फीसदी से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं और कुल 2.96 अरब पर्यटन यात्राएं हुईं। इतने बड़े पैमाने के बावजूद यह GDP में सिर्फ करीब 5 फीसदी का योगदान दे पाया, जबकि दुनिया में औसत 10 फीसदी है। यानी इतने सारे लोग घूमने आते हैं, लेकिन कमाई उतनी नहीं हो पाती।

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विदेशी पर्यटकों की स्थिति और घरेलू खर्च

विदेशी पर्यटकों की बात करें तो भारत दुनिया के कुल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का सिर्फ 1.4 फीसदी हिस्सा ही आकर्षित कर पाता है, जो इसकी क्षमता से काफी कम है। इनमें से करीब एक-तिहाई भारतीय मूल के लोग होते हैं, जो ज्यादातर रिश्तेदारों से मिलने आते हैं, न कि घूमने-फिरने के लिए। इसलिए ज्यादा खर्च करने वाले लीजर ट्रैवलर्स को लाने की जरूरत है, खासकर अमीर देशों से।

दूसरी तरफ, भारतीय खुद विदेश घूमने पर खूब खर्च कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2024 में विदेश यात्रा पर 17 अरब डॉलर खर्च हुए। रिपोर्ट कहती है कि अगर घर में ही अच्छी सुविधाएं हों, जैसे लक्षद्वीप को मालदीव जैसा बनाना, तो यह पैसा देश में ही रुक सकता है।

रिपोर्ट में सुझाव दिए गए हैं कि घरेलू पर्यटन की पूरी ताकत इस्तेमाल करने के लिए कुछ खास कदम उठाने चाहिए। जैसे, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप से सर्किट आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करना, दुनिया स्तर के बड़े डेस्टिनेशन हब बनाना, सुरक्षा, सफाई और आने-जाने की सुविधा बढ़ाना। साथ ही नाजुक जगहों की सुरक्षा के लिए सस्टेनेबल मैनेजमेंट।

छोटे कारोबारियों, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, कारीगरों, होमस्टे चलाने वालों और युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ना जरूरी है। होस्पिटैलिटी, गाइडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, खाने की सुरक्षा और इको-ऑपरेशंस में स्किल ट्रेनिंग देनी होगी। भारत को दुनिया में नई ब्रांडिंग और डिजिटल प्रमोशन से पेश करना होगा। साथ ही पर्यटन से जुड़े छोटे कारोबारों को आसान लोन, क्रेडिट और फॉर्मलाइजेशन का रास्ता देना होगा।

क्रिसिल इंटेलिजेंस की सीनियर डायरेक्टर बीनािफर जेहानी ने कहा कि पर्यटन पहले से ही भारत के लिए बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, लेकिन इसका आर्थिक फायदा पूरा नहीं हो पा रहा। असली चुनौती मांग पैदा करने की नहीं, बल्कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाने की है कि बड़े पैमाने को अच्छी कमाई में बदला जा सके। इसके लिए जगहों की सुविधाएं, सर्विस स्टैंडर्ड, सुरक्षा और यात्रा की आसानी पर ध्यान देना होगा।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published - December 30, 2025 | 6:05 PM IST

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