facebookmetapixel
AI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकत

MBRGI के साथ शोभा रियल्टी का समझौता, दुबई में बनाएगी एक यूनिवर्सिटी

शोभा रियल्टी और यूएई की मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) एक अरब दिरहम का अनुदान फंड भी स्थापित करेंगी।

Last Updated- March 28, 2024 | 11:33 AM IST
MBRGI के साथ शोभा रियल्टी का समझौता, दुबई में बनाएगी एक यूनिवर्सिटी, Sobha Realty ties up with UAE's MBRGI, to build university in Dubai
पीएनसी मेनन, संस्थापक, सोभा ग्रुप; और शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, दुबई के क्राउन प्रिंस

बेंगलूरु की रियल एस्टेट डेवलपर शोभा रियल्टी ने यूएई के सहायता कार्यक्रम फाउंडेशन के साथ परोपकार अनुदान समझौता किया है। इस समझौते के तहत भारतीय फर्म अगले चार साल में 40 करोड़ दिरहम की लागत से दुबई में एक विश्वविद्यालय का निर्माण करेगी।

शोभा रियल्टी और यूएई की मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्स (एमबीआरजीआई) एक अरब दिरहम का अनुदान फंड भी स्थापित करेंगी। इसके बारे में उनका कहना है कि यह दुनिया भर में लाखों को शिक्षा में सहायता
प्रदान करेगा।

विश्वविद्यालय परिसर भवन की 2,000 छात्रों की क्षमता होगी। यह परियोजना एमबीआरजीआई को सौंपी जाएगी। वह किसी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के साथ सहयोग करेगी, जो यह अनुदान विश्वविद्यालय चलाएगी।

इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य दुबई में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध उच्च शिक्षा के विकल्पों में विविधता लाना है।

First Published - March 19, 2024 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट