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क्वेस कॉर्प को त्योहारी मांग से नियुक्तियों में तेजी की आस

Last Updated- December 15, 2022 | 4:02 AM IST

देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े नियोक्ता क्वेस कॉर्प ने आगामी महीनों में नियुक्तियों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। कंपनी का कहा है कि नई दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में कोविड-19 के संक्रमण में गिरावट के कारण गतिविधियां सुचारु हो रही हैं। इसलिए ग्राहक अब आगामी त्योहारी सीजन के लिए तैयारी करने में जुट गए हैं। फेयरफैक्स के निवेश वाली इस कंपनी ने जून तिमाही में अपने कर्मियों की संख्या में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की। कंपनी सामान्य स्टाफिंग कारोबार से करीब 80 फीसदी राजस्व अर्जित करती है।
क्वेस कॉर्प के कार्यकारी निदेशक एवं ग्रुप सीईओ सूरज मोराजे ने कहा, ‘हम काफी सकारात्मक हैं क्योंकि जल्द ही त्योहारी सीजन आने वाला है। तमाम लोग अब यात्रा एवं खरीदारी के बारे में चर्चा कर रहे हैं। यह लगभग वैसा ही होगा जैसे किसी युद्ध के बाद खपत में जबरदस्त तेजी आती है।’ उन्होंने कहा, ‘मुंबई और नई दिल्ली जैसे प्रमुख शहर अब वायरस के चंगुल से निकलते दिख रहे हैं और चीजें उतनी खराब नहीं हो सकती जितनी हमने पिछली तिमाही में देखी है।’
स्टाफिंग फर्म ने कहा कि जुलाई में कुल मिलाकर नियुक्ति के आंकड़े जून के मुकाबले बेहतर रहे। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि दूसरी तिमाही के लिए नियुक्ति परिदृश्य कैसा रहेगा। मोराजे ने कहा, ‘अब हम ग्राहकों को आकर्षित करने और नकदी जुटाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।’
दूसरी तिमाही के अंत में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 3,34,000 थी। कर्मचारियों की संख्या में गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) और खुदरा क्षेत्र में कर्मचारियों का वियोजन रही।
शेयर विश्लेषक फर्म मोतीलाल ओसवाल ने एक नोट में कहा है कि बेरोजगारी के हालिया आंकड़ों और नियुक्ति परिदृश्य के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि रोजगार बाजार जल्द और तेजी से सुधार होगा। उसने कहा, ‘वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और नोटबंदी के बाद की सीख के आधार पर ऐसा लगता है कि मौजूदा अनिश्चितता के माहौल के कारण कुछ स्थायी नौकरियां अस्थायी में बदल जाएंगी जिससे स्टाफिंग फर्मों को फायदा होगा।’
मोराजे ने कहा कि इस स्टाफिंग फर्म ने तिमाही के दौरान 200 से अधिक ग्राहक हासिल किए क्योंकि तमाम छोटे कारोबारी वेतन देने और सेवाओं की गुणवत्ता को बरकरार रखने में समर्थ थे।

First Published - August 1, 2020 | 1:04 AM IST

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