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बिलडेस्क के अधिग्रहण के बाद प्रोसस बना अग्रणी निवेशक

Last Updated- December 12, 2022 | 1:23 AM IST

देश की प्रमुख बिल भुगतान कंपनी बिलडेस्क के अधिग्रहण के साथ ही प्रोसस एनवी अग्रणी निवेशकों की कतार में शामिल हो गई है। दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज कंपनी नैस्पर्स की अंतरराष्ट्रीय डिजिटल निवेश इकाई प्रोसस ने फिनटेक कंपनी पेयू के माध्यम से बिलडेस्क का 4.7 अरब डॉलर में अधिग्रहण कर भारत में निवेश करने वाली फर्मों में ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया है। बिलडेस्क का अधिग्रहण वर्ष 2018 में वॉलमार्ट के हाथों फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद का भारत में सबसे बड़ा सौदा है। प्रोसस ने इसके पहले छह भारतीय यूनिकॉर्न कंपनियों- बैजूस, इरुडिटस, स्विगी, अर्बन कंपनी, मीशो और फार्मईजी में निवेश किया हुआ था। फार्मईजी ने हाल ही में डायग्नोस्टिक लैब थायरोकेयर को खरीदा है।
भारतीय बाजार को लेकर प्रोसस के आक्रामक तेवर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिलडेस्क सौदा होता ही भारत में उसका निवेश 6 अरब डॉलर से छलांग लगाते हुए 10 अरब डॉलर के ऊपर चला गया। अब वह दुनिया की बड़ी निजी इक्विटी (पीई) निवेश फर्मों के मुकाबले में आ चुकी है। भारत में खासे चर्चित निवेशक सॉफ्टबैंक ने पिछले 4 वर्षों में 11 अरब डॉलर का निवेश किया है। वैसे सॉफ्टबैंक का भारत में अब तक का कुल निवेश 17 अरब डॉलर का है। उद्योग जगत के मुताबिक, प्रोसस का भारतीय बाजार में निवेश अब भी वैश्विक दिग्गजों ब्रुकफील्ड एवं ब्लैकस्टोन का आधा ही है। इन्होंने भारत में 20 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया हुआ है।

वैसे दूसरी नजर से देखें तो बिलडेस्क सौदे की कीमत सॉवरेन फंड पीआईएफ के पिछले साल तीन सौदों में मिलाकर किए गए 3.3 अरब डॉलर के निवेश से ज्यादा ही है। इसी तरह बैन ऐंड कंपनी की एक रिपोर्ट कहती है कि पीई फर्म केकेआर ने भी 2020 में भारत में छह सौदों के रूप में कुल 3 अरब डॉलर का निवेश किया था। पिछले साल तक प्रोसस भारत में निवेश करने वाली अग्रणी फर्मों की सूची में भी नहीं शामिल थी लेकिन इस साल उसने घरेलू स्टार्टअप कंपनियों में आक्रामक तरीके से निवेश किया है। बिलडेस्क अधिग्रहण के अलावा इसने अब तक 3.4 अरब डॉलर के फंड जुटाने की कोशिशों में भी शिरकत की है।
जानकारों का कहना है कि प्रोसस की रणनीति में दिख रहे पागलपन के पीछे एक सोचा-समझा तरीका भी है। उसने भारत में मुख्य रूप से एडटेक, फूडटेक और फिनटेक कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया हुआ है। इसके अलावा उसने फार्मईजी में निवेश कर स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में भी दस्तक दी है।

आने वाले समय में फार्मईजी में किया गया निवेश काफी फायदेमंद हो सकता है जिसने एक सूचीबद्ध कंपनी थायरोकेयर का हाल ही में अधिग्रहण किया है। फार्मईजी अपना आईपीओ लाने की भी योजना बना रही है।

First Published - September 2, 2021 | 11:41 PM IST

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