facebookmetapixel
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला

वैबटेक की नजर भारतीय बाजार पर: पास्कल श्वित्जर

Advertisement

2022 में वैबटेक ट्रांजिट इंडिया ने 1,900 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था और अब यह अगले तीन साल में इस राशि को बढ़ाकर 2,500 से 2,600 करोड़ रुपये तक करने की योजना बना रही है।

Last Updated- July 03, 2023 | 11:08 PM IST

अमेरिका की रेलवे फर्म वैबटेक कॉरपोरेशन ने फरवरी में देश के रेलवे क्षेत्र में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में से एक के तहत भारतीय रेलवे को 1,000 डीजल इंजनों की आपूर्ति करने की अपनी 10 साल की यात्रा का आधा हिस्सा पूरा किया था। डीजल को अतीत के अवशेष के रूप में देखे जाने की वजह से वैबटेक अब अपने उपकरण और प्रौद्योगिकी कार्यक्षेत्र – वैबटेक ट्रांजिट के जरिये देश भर में आधुनिक, तीव्र शहरी रेल परिवहन शुरू करने के सरकार के आक्रामक प्रयास का लाभ उठाने पर विचार कर रही है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में वैबटेक ट्रांजिट के नवनियुक्त अध्यक्ष पास्कल श्वित्जर ने कहा कि पुर्जा-विनिर्माता और प्रौद्योगिकी समाधान फर्म भारत को अपने शीर्ष बाजार के रूप में देखती है। कंपनी जिन बाजारों को बड़े स्तर पर हासिल करना चाहती है, उन पर जोर देते हुए श्वित्जर ने कहा कि रेलवे शहरों और देशों के भविष्य के लिए एक बड़ा समाधान है। आप पश्चिमी यूरोप में रेल में काफी विकास देखते हैं और आप भारत में भारी वृद्धि देख रहे हैं। आप उत्तरी अमेरिका में भी विकास देख रहे हैं। इसलिए प्रौद्योगिकी समाधानों की अग्रणी प्रदाता बनने की हमारी बड़ी महत्वाकांक्षा है।

वर्ष 2022 में वैबटेक ट्रांजिट इंडिया ने 1,900 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था और अब यह अगले तीन साल में इस राशि को बढ़ाकर 2,500 से 2,600 करोड़ रुपये तक करने की योजना बना रही है। प्रबंध निदेशक अजय मणि के अनुसार ऑर्डरों के मौजूदा संयोजन में 90 प्रतिशत कार्य भारतीय रेलवे से संबंधित हैं, जबकि शेष अन्य शहरी रेल परियोजनाओं के लिए है। अन्य पुर्जों के अलावा कंपनी ब्रेक प्रणाली, कप्लर्स, हाई-रीच पेंटोग्राफ, यात्री सूचना प्रणाली और इवेंट लॉगर आदि के कारोबार में काम लगी हुई है।

अब यह हर संभावित मेट्रो और शहरी रैपिड रेल परियोजना में अपनी मौजूदगी का विस्तार करते हुए इस ऑर्डर संयोजन को फिर से व्यवस्थित करना चाह रही है। श्वित्जर ने कहा कि मेरा मानना है कि वैबटेक ट्रांजिट भारत में हमारे तकनीकी कारोबार का मुख्य संचालक बनी रहेगा। लेकिन फिर भी हमारे पास यह बहुत व्यापक पोर्टफोलियो है। हम डिजिटल समाधानों के मामले में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।

वैबटेक का ध्यान मुख्य रूप से होसूर, बद्दी, बहादुरगढ़ में अपने संयंत्रों और रोहतक की आगामी इकाई के जरिये पुर्जा विनिर्माण पर रहेगा। यह अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़े अनुबंधों और कारोबारों के अधिग्रहण की संभावनाओं के लिए साझेदारी करने के लिए भी तैयार है।

उन्होंने कहा कि हमने जैव ईंधन, वैकल्पिक डीजल, तेल-गैस चालित इंजन में हाइड्रोजन के मिश्रण और हाइब्रिड बैटरी वाले रेल इंजन पेश करने के संबंध में प्रगति की है।

हां, शायद इस बात की संभावना न हो कि डीजल वाले पारंपरिक इंजन बेचे जाएं, लेकिन अब से एक दशक के दौरान तकनीक कहां होगी और उसके क्या अनुप्रयोग होंगे, यह भविष्य बताएगा। लेकिन मैं अपने माल ढुलाई कारोबार के भविष्य को लेकर बहुत आशान्वित हूं क्योंकि हम बेहद प्रासंगिक तकनीक विकसित कर रहे हैं।

Advertisement
First Published - July 3, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement