facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलर, 2026 में भी अधिग्रहण पर रहेगा जोरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Excise duty collections: पेट्रोलियम से उत्पाद शुल्क संग्रह घटा, मगर ईंधन की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

इस समय पेट्रोल व डीजल की घरेलू बिक्री पर केंद्र सरकार क्रमशः 19.90 रुपये प्रति लीटर और 15.80 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है।

Last Updated- August 16, 2024 | 11:37 PM IST
The oil factor

पेट्रोलियम क्षेत्र पर लगने वाले उत्पाद शुल्क से केंद्र का कर संग्रह लगातार चौथे साल कम हुआ है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024 में उत्पाद शुल्क संग्रह घटकर 2.73 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो वित्त वर्ष 2023 के 2.87 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 4.8 प्रतिशत कम है।

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बदलाव पिछली बार मई 2022 में किया गया था। वहीं दूसरी ओर भारत में ईंधन की खपत वित्त वर्ष 2024 में 4.6 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड उच्च स्तर 2,333.2 लाख टन पर पहुंच गई है, जिससे तेल की मांग का पता चलता है।

अधिकारियों ने कहा कि कर संग्रह में बदलाव की वजह केंद्र के अप्रत्याशित लाभ कर में आई कमी है। एक अधिकारी ने कहा, ‘2023-24 में अप्रत्याशित लाभ कर का औसत असर इसके पहले के साल की तुलना में कम रहा है, क्योंकि कच्चे तेल की वैश्विक कीमत में उतार चढ़ाव कम रहा है। यही वजह है कि कुल मिलाकर उत्पाद शुल्क संग्रह में कमी आई है।’ इसके आंकड़े इस महीने की शुरुआत में संसद में पेश किए गए थे।

इस समय पेट्रोल व डीजल की घरेलू बिक्री पर केंद्र सरकार क्रमशः 19.90 रुपये प्रति लीटर और 15.80 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके अलावा राज्य सरकारें वैट, बिक्री कर व अन्य अतिरिक्त शुल्क लगाती हैं।

बहरहाल विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में वर्गीकृत अप्रत्याशित लाभकर कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन और डीजल पेट्रोल के निर्यात के साथ जेट ईंधन पर लगता है। हर पखवाड़े इस कर की समीक्षा होती है। 1 अगस्त को कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन पर अप्रत्याशित लाभ कर घटाकर 4,600 रुपये प्रति टन कर दिया गया था, जो पहले 7,000 रुपये प्रति टन था। निर्यात पर इस समय शून्य कर है।

बहरहाल वित्त वर्ष 2024 में खजाने में पेट्रोलियम सेक्टर का अंशदान 0.38 प्रतिशत बढ़कर 7.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 2023 में 7.48 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2023 में इसमें 3.4 प्रतिशत कमी आई थी।

First Published - August 16, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट