facebookmetapixel
Advertisement
वॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजीज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार सख्त, अब बिना डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के नहीं मिलेगी दवाई

NCLT ने गो फर्स्ट की दिवालिया प्रक्रिया को 90 दिन और दिए

Advertisement

विमानन कंपनी के लेनदारों (बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक आदि) ने दिवालिया प्रक्रिया में मोहलत देने का समर्थन किया।

Last Updated- November 23, 2023 | 10:01 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने गुरुवार को बंद पड़ी विमानन कंपनी गो फर्स्ट की दिवालिया प्रक्रिया को 90 दिन की मोहलत और दे दी। यह अवधि इस साल 6 नवंबर से शुरू होकर 4 फरवरी, 2024 को समाप्त होगी।

इस विस्तार पर विमानन कंपनी के पट्टादाताओं के एतराज को खारिज करते हुए NCLT ने कहा कि तय अवधि में समाधान योजना पूरी की जानी चाहिए।

ट्रिब्यूनल ने विमानन कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को 90 दिन की कार्ययोजना जमा कराने को भी कहा है। पट्टादाताओं की दलील का विरोध करते हुए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने अदालत से कहा कि दिवालिया प्रक्रिया में विस्तार का फैसला लेनदारों की समिति के दायरे में है और पट्टादाताओं को विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। लेनदार सीओसी का हिस्सा हैं।

विमानन कंपनी के लेनदारों (बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक आदि) ने दिवालिया प्रक्रिया में मोहलत देने का समर्थन किया। यह विस्तार गो फर्स्ट के लिए राहत है। कंपनी इस साल मई से विमानों पर नियंत्रण के लिए पट्टादाताओं के साथ कानूनी लड़ाई में उलझी है।

विमानन कंपनी को पटरी पर आने के लिए थोड़ी राहत तब मिली जब कंपनी मामलों के मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर विमान, विमान इंजन, एयरफ्लेम और हेलिकॉप्टर से संबंधित व्यवस्था को दिवालिया संहिता 2016 की धारा 14 (1) से छूट दे दी।

इस बीच, विमानन कंपनी को एक संभावित समाधान आवेदक से अभिरुचि पत्र मिला है। उसे अपनी समाधान योजना 21 नवंबर तक पेश करनी है। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने कहा कि अगर इस तारीख तक उसे कोई समाधान योजना नहीं मिली तो वह नए सिरे से बोली की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

लेकिन अब विमानन कंपनी को मोहलत मिल गई है। ट्रिब्यूनल ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल से यह भी कहा कि अगर नए सिरे से तय अवधि में दिवालिया प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो पंचाट परिसमापन की कार्यवाही शुरू कर सकता है। शुरू में जिंदल पावर लिमिटेड विमानन कंपनी की बोली में दिलचस्पी रख रही थी, लेकिन बाद में वह आगे नहीं बढ़ी।

Advertisement
First Published - November 23, 2023 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement