facebookmetapixel
Angel One Q3 रिजल्ट जारी, जानिए स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड की पूरी डिटेलITC के Q3 नतीजों की तारीख तय, क्या इस बार मिलेगा मोटा डिविडेंड?Axis Bank, HCL Tech और Tata Steel पर दांव लगाने की सलाह, जानिए कितना मिल सकता है रिटर्नसेना दिवस: भैरव बटालियन ने जीता लोगों का दिल, ब्रह्मोस मिसाइल ने दिखाई अपनी ताकतX ने AI चैटबॉट ग्रोक से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरों पर लगाया बैन, पेड यूजर्स तक सीमित किया कंटेंट क्रिएशनI-PAC दफ्तर की तलाशी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED की याचिका पर बंगाल सरकार से जवाब, FIR पर रोकवै​श्विक वृद्धि के लिए हमारी रणनीति को रफ्तार दे रहा भारत, 2026 में IPO और M&A बाजार रहेगा मजबूत27 जनवरी को भारत-ईयू एफटीए पर बड़ा ऐलान संभव, दिल्ली शिखर सम्मेलन में तय होगी समझौते की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: टाइगर ग्लोबल को टैक्स में राहत नहीं, मॉरीशस स्ट्रक्चर फेलएशिया प्राइवेट क्रेडिट स्ट्रैटिजी के लिए KKR ने जुटाए 2.5 अरब डॉलर, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी

NCLT ने गो फर्स्ट की दिवालिया प्रक्रिया को 90 दिन और दिए

विमानन कंपनी के लेनदारों (बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक आदि) ने दिवालिया प्रक्रिया में मोहलत देने का समर्थन किया।

Last Updated- November 23, 2023 | 10:01 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने गुरुवार को बंद पड़ी विमानन कंपनी गो फर्स्ट की दिवालिया प्रक्रिया को 90 दिन की मोहलत और दे दी। यह अवधि इस साल 6 नवंबर से शुरू होकर 4 फरवरी, 2024 को समाप्त होगी।

इस विस्तार पर विमानन कंपनी के पट्टादाताओं के एतराज को खारिज करते हुए NCLT ने कहा कि तय अवधि में समाधान योजना पूरी की जानी चाहिए।

ट्रिब्यूनल ने विमानन कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को 90 दिन की कार्ययोजना जमा कराने को भी कहा है। पट्टादाताओं की दलील का विरोध करते हुए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने अदालत से कहा कि दिवालिया प्रक्रिया में विस्तार का फैसला लेनदारों की समिति के दायरे में है और पट्टादाताओं को विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है। लेनदार सीओसी का हिस्सा हैं।

विमानन कंपनी के लेनदारों (बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक आदि) ने दिवालिया प्रक्रिया में मोहलत देने का समर्थन किया। यह विस्तार गो फर्स्ट के लिए राहत है। कंपनी इस साल मई से विमानों पर नियंत्रण के लिए पट्टादाताओं के साथ कानूनी लड़ाई में उलझी है।

विमानन कंपनी को पटरी पर आने के लिए थोड़ी राहत तब मिली जब कंपनी मामलों के मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर विमान, विमान इंजन, एयरफ्लेम और हेलिकॉप्टर से संबंधित व्यवस्था को दिवालिया संहिता 2016 की धारा 14 (1) से छूट दे दी।

इस बीच, विमानन कंपनी को एक संभावित समाधान आवेदक से अभिरुचि पत्र मिला है। उसे अपनी समाधान योजना 21 नवंबर तक पेश करनी है। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने कहा कि अगर इस तारीख तक उसे कोई समाधान योजना नहीं मिली तो वह नए सिरे से बोली की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

लेकिन अब विमानन कंपनी को मोहलत मिल गई है। ट्रिब्यूनल ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल से यह भी कहा कि अगर नए सिरे से तय अवधि में दिवालिया प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो पंचाट परिसमापन की कार्यवाही शुरू कर सकता है। शुरू में जिंदल पावर लिमिटेड विमानन कंपनी की बोली में दिलचस्पी रख रही थी, लेकिन बाद में वह आगे नहीं बढ़ी।

First Published - November 23, 2023 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट