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विदेशी उपक्रमों में निवेश पर महिंद्रा सतर्क

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:33 AM IST

महिंद्रा समूह की अधिकतर कारोबारी इकाइयों के अंतरराष्ट्रीय राजस्व में पिछले पांच साल के दौरान इजाफा हुआ है अथवा में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इससे समूह की प्रमुख कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा को काफी राहत मिली है। वित्त वर्ष 2019 में कंपनी का कुल कारोबार करीब 4,000 करोड़ रुपये घटकर 33,000 करोड़ रुपये रह गया था जिससे उसका मुनाफा प्रभावित हो रहा था।
विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाले इस समूह का एकीकृत राजस्व दो भागों- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय- में बराबर बंटा है। टेक महिंद्रा को अलग कर दिया जाए तो समूह के कुल राजस्व में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार का योगदान क्रमश: 64 फीसदी और 36 फीसदी रहा है।  कंपनी के परिचालन प्रबंधन ने निवेशकों से हालिया बातचीत में कहा था कि वह उन अंतरराष्ट्रीय उपक्रमों में निवेश पर लगाम लगाएगी जिनके कारण उसका बहीखाता प्रभावित हुआ था।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा, ‘हम अपने वैश्विक कारोबार रणनीति को कहीं अधिकदुरुस्त करेंगे लेकिन हम अचानक सब कुछ रोक नहीं सकते। हमें हर संभव तेजी से ऐसा करना होगा।’ एमऐंडएम दक्षिण कोरिया की सांगयोंग मोटर कंपनी में निवेश को फिलहाल टाल देगी। कंपनी ने 2011 में 2,100 करोड़ रुपये मंं उसका अधिग्रहण किया था। कंपनी अब अपनी हिस्सेदारी घटाने की कोशिश करेगी।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के निवर्तमान प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा, ‘सांगयोंग के मामले में कई कारकों की भूमिका है। कोविड वैश्विक महामारी से पहले दक्षिण कोरिया एवं अन्य बाजारों में बिक्री में गिरावट जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा। इससे करीब 3,600 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ी।’
गोयनका ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में सांगयोंग में अब कोई इक्विटी निवेश नहीं किया जाएगा बल्कि कोरिया की इस कंपनी को लाइसेंस के आधार पर एमऐंडएम एसयूवी बनाने के लिए व्यवस्था बरकरार रखी जाएगी।
आईएचएस मार्किट के प्रधान विश्लेषक (पावरट्रेन फोरकास्ट) सूरज घोष ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि वह अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी और उसने अपने घरेलू बाजार दक्षिण कोरिया एवं वैश्विक स्तर पर कमजोर प्रदर्शन किया।’
कैलिफोर्निया में ई-स्कूटर कारोबार जेनज़े को भी बंद किया जाएगा क्योंकि उसे अपने पैरों पर खड़े होने के आसार कम ही दिख रहे हैं और वह अपने समय से कहीं आगे है। महिंद्रा के डिप्टी प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी अनीश शाह ने कहा, ‘काफी पहले निवेश करना खतरनाक हो सकता है।’
अन्य विदेशी उपक्रमों में आपूर्ति शृंखला प्रबंधन से लेकर स्पोट्र्स कार की डिजाइनिंग के लिए केंद्र तक शामिल हैं। शाह ने कहा कि तीन से पांच वर्षों के दौरान 18 फीसदी इक्विटी पर रिटर्न न मिलने अथवा दमदार रणनीतिक लाभ न दिखने पर कारोबार को समेट लिया जाएगा।

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First Published - July 21, 2020 | 12:31 AM IST

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