facebookmetapixel
Advertisement
NBFC Stocks: चोलामंडलम, श्रीराम फाइनेंस और इंडिया शेल्टर बने ब्रोकरेज के टॉप पिक, जानिए क्यों बढ़ा भरोसाSuper El Niño: 2026 में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ला सकता है सुपर एल नीनो, IMD भी अलर्ट₹148 से ₹220 तक टारगेट, आखिर IGL को लेकर क्यों बंटे हुए हैं एक्सपर्ट्स?ईरान युद्ध में US के 42 जेट और ड्रोन तबाह; F-15E, F-35A जैसे फाइटर जेट भी हुए नष्टRupee Record Low: रुपये में बड़ी गिरावट, डॉलर के मुकाबले पहली बार 96.89 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा₹135 पर ट्रेड कर रहा PSU Stock, लेकिन ब्रोकरेज को दिख रहा ₹200 का लेवल, खरीदें या होल्ड करें?Gold, Silver Price Today: सोने का वायदा भाव टूटा, चांदी में भी आई ₹2,889 की गिरावटइलेक्ट्रिक बस-ट्रकों को बढ़ावा देने की तैयारी, सरकार ला सकती है 1 अरब डॉलर की योजनाआज आखिरी मौका! ITC Hotels समेत 4 कंपनियां दे रही डिविडेंड और राइट्स इश्यू का फायदाStocks to watch today: Karnataka Bank से लेकर JSW Energy तक, आज ये शेयर करा सकते हैं कमाई

Q3 Results: JIO, टाटा टेक, JSW से लेकर टेक महिंद्रा तक; किस कंपनी ने कितना कमाया?

Advertisement

तीसरी तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल में मुनाफे की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि श्रम संहिता और बढ़ती लागत से आईटी कंपनियों के नतीजे प्रभावित हुए

Last Updated- January 16, 2026 | 10:25 PM IST
Q3 Results
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता रिलांस जियो का संचालन करने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 7,629 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.2 फीसदी तक की वृद्धि है। कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ये मजबूत आंकड़े ग्राहक जोड़ने की तेज रफ्तार, प्रति उपयोगकर्ता राजस्व में वृद्धि और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से मिली मदद की वजह से आए हैं।

जुलाई तक आईपीओ लाने की तैयारी कर रही जेपीएल का राजस्व  वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 43,683 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12.7 प्रतिशत अधिक है। पिछली तिमाही की तुलना में, मुनाफा तीसरी तिमाही में 3.4 फीसदी बढ़कर 7,379 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व पिछली तिमाही के 42,652 करोड़ रुपये की तुलना में 2.4 प्रतिशत तक बढ़ गया। दिसंबर तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का एबिटा सालाना आधार पर 16.4 फीसदी की वृद्धि के साथ 19,303 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा कि उसका मार्जिन सालाना आधार पर 170 आधार अंक तक बढ़ा।

रिलायंस रिटेल का लाभ 2 फीसदी बढ़ा

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 2.1 फीसदी बढ़कर 3,558 करोड़ रुपये हो गया।

आरआरवीएल की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस रिटेल ने तिमाही में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और लाखों ग्राहकों की खरीदारी की जरूरतों को पूरा किया। ट्रेंड पर फोकस वाले उत्पादों और आसान ओमनी-चैनल एक्सपीरियंस को प्राथमिकता देकर, हम ग्राहक के साथ मजबूत जुड़ाव बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे कंज्यूमर का माहौल बदल रहा है, हम नवाचार और उत्कृष्टता के जरिये भारतीय रिटेल को फिर से परिभाषित करने के अपने विजन पर लगातार बढ़ रहे हैं।’ रिलायंस रिटेल का परिचालन से एबिटा 2.1 फीसदी बढ़कर 6,770 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी का राजस्व 86,951 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 9.2 फीसदी अधिक है, जबकि उसका सकल राजस्व 8.1 फीसदी की वृद्धि के साथ 97,605 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही आधार पर परिचालन से राजस्व 9.9 फीसदी तक और शुद्ध लाभ 3.5 फीसदी बढ़ा।

टेक महिंद्रा का लाभ 14 प्रतिशत बढ़ा

टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 1,122 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के 932 करोड़ रुपये की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। नई श्रम संहिता के असर की वजह से तिमाही आधार पर कर के बाद लाभ (पीएटी) में 6 प्रतिशत की गिरावट आई। अपनी प्रतिस्पर्धियों की तरह टेक महिंद्रा पर भी इस तिमाही में नई श्रम संहिता का असर पड़ा, जो 272.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा कि चालू तिमाही पर श्रम संहित का असर 10 से 20 आधार अंकों के दायरे में होगा। इस तिमाही में राजस्व 8.3 प्रतिशत बढ़कर 14,393 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही आधार पर राजस्व में 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

इस तिमाही में 1.1 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल हुए , जो पिछले साल इसी तिमाही के 74.5 करोड़ डॉलर की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक ज्यादा हैं। तिमाही आधार पर कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। टेक महिंद्रा के मुख्य कार्य अधिकारी और प्रबंध निदेशक मोहित जोशी ने कहा, ‘तीसरी तिमाही में बहुत दमदार प्रदर्शन रहा है। यह पिछले तीन साल में तिमाही के लिहाज से हमारा सबसे अच्छा प्रदर्शन है और पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा तिमाही बुकिंग वाला प्रदर्शन है।’ जोशी ने यह बात भी दोहराई कि उन्हें भरोसा है कि कंपनी वित्त वर्ष 27 में अपने प्रतिस्पर्धियों के औसत से बेहतर प्रदर्शन करेगी।

तीसरी तिमाही में वृद्धि विनिर्माण, खुदरा बिक्री, लॉजिस्टिक और परिवहन तथा संचार क्षेत्रों से प्रेरित रही, जिनमें सालाना आधार पर क्रमशः 11.7 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत और 4.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

टाटा टेक का लाभ 96 प्रतिशत लुढ़का

वैश्विक उत्पाद इंजीनियरिंग और डिजिटल सेवा कंपनी, टाटा टेक्नॉलजीज लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 96 प्रतिशत घटकर 6.64 करोड़ रुपये रहा। इसकी मुख्य वजह श्रम संहिता का असर है। टाटा टेक्नॉलजीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 168.64 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध मुनाफा कमाया था। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में एकीकृत परिचालन राजस्व 1,365.73 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,317.38 करोड़ रुपये था। तीसरी तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 1,217.99 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,119.31 करोड़ रुपये था।

जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा के मुनाफे में 9% इजाफा

सज्जन जिंदल के निवेश वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर ने समेकित लाभ में 8.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो चालू वित्त वर्ष तीसरी तिमाही में अधिक राजस्व के बीच 359.1 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि यह लाभ ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के 379.14 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा। परिचालनगत राजस्व 14.2 प्रतिशत बढ़कर 1,349 करोड़ रुपये हो गया, जिसे बंदरगाह के अधिक वॉल्यूम और नवकार कॉर्पोरेशन के जोरदार योगदान से मदद मिली। राजस्व भी विश्लेषकों के 1,353 करोड़ रुपये से कुछ कम रहा।

लीला पैलेस का लाभ हुआ दोगुने से ज्यादा

लक्जरी होटल चलाने वाली लीला पैलेस होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दोगुने से अधिक होकर 147.88 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से मजबूत राजस्व वृद्धि के कारण कंपनी के लाभ में यह उछाल आया है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 56.40 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। यह कंपनी पिछले साल जून में ‘श्लोस बैंगलोर प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थी।

विप्रो का शुद्ध लाभ 7 फीसदी घटा

तीसरी तिमाही में अन्य आईटी कंपनियों की तरह विप्रो का मुनाफा भी कमजोर रहा है। एक साल पहले के मुकाबले कंपनी का शुद्ध लाभ 7 फीसदी घटकर 3,120 करोड़ रुपये रह गया। लेबर कोड पर अमल किए जाने की वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा है। बढ़ते ग्रैच्युटी खर्च की वजह से कंपनी पर अतिरिक्त 302 करोड़ रुपये का दबाव पड़ा।

आईटी सेवा खंड का राजस्व सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत बढ़कर 2.6 अरब डॉलर हो गया, जबकि कुल राजस्व 5.5 प्रतिशत बढ़कर 23,560 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि राजस्व ब्लूमबर्ग के अनुमान से ज्यादा रहा, लेकिन शुद्ध लाभ उम्मीद से कम रहा।

चौथी तिमाही के लिए, कंपनी को अपने आईटी सेवा व्यवसाय खंड से राजस्व 263.5 करोड़ डॉलर से 268.8 करोड़ डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि स्थिर मुद्रा के हिसाब से गाइडेंस 0 प्रतिशत से 2 प्रतिशत रहेगा। इस वृद्धि का आधे से ज्यादा हिस्सा अगस्त में ऑडियो प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी हरमन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्युशंस (डीटीएस) बिजनेस के अधिग्रहण से आया। इससे 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसके बिना यह 0.6 प्रतिशत तक गिर जाता।

विप्रो के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीनि पालिया ने कहा कि कंपनी को इस महीने ग्राहक खर्च के बारे में बेहतर जानकारी मिलेगी, क्योंकि वे इस महीने अपने टेक्नॉलजी बजट को पक्का कर रहे हैं, हालांकि प्राथमिकता लागत कम करने वाली डील, वेंडर कंसोलिडेशन और एआई के जरिये किफायत पर जोर देने की है।

Advertisement
First Published - January 16, 2026 | 9:57 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement