बीते कई दिनों से चल रहा इंडिगो संकट आज यानी मंगलवार को भी जारी रहा है। आज देशभर में कई सौ उड़ानें रद्द कर दी गई, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, अब तक देशभर में 400 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर पड़ा, जहां इंडिगो की 152 उड़ानों को रद्द किया गया, जिनमें 76 आगमन और 76 प्रस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा दक्षिण भारत के एयरपोर्ट्स भी इसका जबरदस्त असर देखा गया। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में 58 आगमन और 63 प्रस्थान रद्द किए गए। चेन्नई में पूरे दिन में 18 प्रस्थान और 23 आगमन रद्द किए गए। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) ने 44 प्रस्थान और 14 आगमन रद्द होने की पुष्टि की। तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर रद्दीकरण कम रहा, जहां केवल एक आगमन और तीन प्रस्थान रद्द किए गए, जबकि कुछ उड़ानें समय पर संचालित हुईं। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने कहा कि अगली अपडेट शाम 6 बजे के बाद दी जाएगी।
गौरतलब है कि बीते एक हफ्ते में इंडिगो की 4500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी है।
इस बीच इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने आज दावा किया कि एयरलाइन अब पटरी पर लौट आई है और उसकी उड़ानें स्थिर हैं। पीटर ने कहा कि कंपनी ग्राहकों की सभी जरूरतों को पूरा कर रही है।
एक वीडियो मैसेज में उन्होंने कहा कि जिन लाखों ग्राहकों की उड़ानें रद्द या देरी हुई थीं, उन्हें पहले ही पूरा रिफंड मिल चुका है और यह प्रक्रिया रोजाना जारी है। हालांकि, एल्बर्स ने उन ग्राहकों को मिलने वाली मुआवजे की बात पर कुछ नहीं कहा, जिनकी उड़ान आखिरी मिनट में रद्द हुई या बहुत देर की गई।
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बता दें कि सिविल एविएशन मंत्रालय के नियमों के अनुसार, अगर एयरलाइन दो हफ्ते पहले उड़ान रद्द होने की सूचना नहीं देती, तो ग्राहकों को मुआवजा देना पड़ता है। हालांकि, मुआवजा कितना होगा यह उड़ान के समय पर निर्भर करता है। एयरलाइन को किसी ग्राहक से बिना पूछे मुआवजा अपने आप देना होता है।
एल्बर्स ने दावा किया कि एयरपोर्ट पर अधिकतर लोगों की फंसे हुए सामान को उनके घर पहुंचा दिया गया है जबकि बाकी बचे हुए को जल्द ही पहुंचा दिया जाएगा।
इंडिगो संकट के बीच सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोकसभा में कहा कि कोई भी एयरलाइन कितनी भी बड़ी क्यों न हो, वह यात्रियों के लिए परेशानी पैदा नहीं कर सकती।
लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, “DGCA ने इंडिगो की सीनियर लीडरशिप को शो कॉज नोटिस जारी किया है और एक विस्तृत जांच शुरू की है। नतीजों के आधार पर, एयरक्राफ्ट नियम और एक्ट के तहत सख्त और उचित कार्रवाई की जाएगी। कोई भी एयरलाइन प्रावधानों की अनदेखी करके यात्रियों के लिए ऐसी कठिनाई पैदा नहीं कर सकती।”
FDTL नियमों पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि पायलट की थकान रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) लागू किए जा रहे हैं। ये सुधार मुख्य रूप से यात्रियों की सुरक्षा के लिए हैं। DGCA ने सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद इसे लागू किया था और इंडिगो ने इन नियमों का पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इन आश्वासनों के बावजूद, यह देखा गया कि इंटरनल रोस्टरिंग में गड़बड़ी के कारण बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई।