अपने नौवें बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष चार चुनावी राज्यों के मतदाताओं को साधने के साथ-साथ क्षमता निर्माण बढ़ाने, छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास, व्यापार सौदों से देश और युवाओं को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं विशेष रूप से दुर्लभ खनिज की बाधाओं को दूर करने और भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त अमेरिकी शुल्कों से प्रभावित हुए क्षेत्रों की मदद करने जैसी तमाम चुनौतियां थीं।
सीतारमण का पूरा जोर जैसा कि उन्होंने अपने भाषण में कहा भी, लोकलुभावन के बजाय लोक कल्याण, श्रम प्रधान उद्योगों को संभावित लाभ और गतिशीलता समझौतों को हालिया व्यापार समझौतों के महत्त्वपूर्ण तत्व के रूप में देखते हुए ‘युवा शक्ति’ पर रहा। विशेष यह कि उन्होंने सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना में कोई खास वृद्धि की घोषणा नहीं की। लेकिन उन्होंने सरकार द्वारा चुनावी राज्यों के लिए किए गए प्रस्तावों पर बात की। साथ ही उन राज्यों का भी जिक्र किया जहां भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की सरकारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए इसमें हाल ही में निकाय चुनाव में जीत दर्ज करने वाले महाराष्ट्र और अमेरिकी टैरिफ से सबसे बुरी तरह प्रभावित आंध्र प्रदेश के साथ-साथ तमिलनाडु भी शामिल है।
आगामी अप्रैल-मई में विधान सभा चुनाव वाले राज्यों- असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल तथा केंद्र शासित प्रदेश पुदुच्चेरी पर भी उनका खास ध्यान रहा। भाजपा को जहां असम में सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद है, वहीं बंगाल, केरल और तमिलनाडु में वह पिछले चुनावों से बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है। सीतारमण ने जो साड़ी पहनी थी, वह कांजीवरम रेशम से बनी है और उनके गृह राज्य तमिलनाडु की बुनाई और कपड़ा कौशल को दर्शाती थी। अमेरिकी टैरिफ के कारण इस दक्षिणी राज्य के कपड़ा क्षेत्र को बड़ा नुकसान हुआ है।
अपने भाषण में सीतारमण ने नए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का ऐलान किया है। अन्य उपायों में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानव निर्मित फाइबर और नए युग के फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए ‘राष्ट्रीय फाइबर योजना’ और पारंपरिक समूहों को आधुनिक बनाने के लिए कपड़ा विस्तार और रोजगार योजना शामिल है।
बजट में शुल्क-मुक्त आयातित इनपुट का उपयोग कर निर्मित वस्त्र परिधानों, चमड़े के परिधानों, चमड़े या सिंथेटिक फुटवियर और अन्य चमड़े के उत्पादों के निर्यातकों के लिए निर्यात दायित्व अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपाय कपड़ा निर्यातकों के लिए अधिक परिचालन लचीलापन, अनुपालन में आसानी और बेहतर कार्यशील पूंजी प्रबंधन प्रदान करेगा। मालूम हो कि बंगाल चमड़े के सामान का प्रमुख केंद्र है।
जर्मनी और स्वीडन जैसे प्रमुख यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के भारत के एसएमई के साथ जुड़ने के इच्छुक होने के कारण बजट ने आत्मनिर्भर भारत कोष के साथ-साथ एसएमई विकास कोष के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए हम हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलूरु समेत विभिन्न शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के खनिज-समृद्ध राज्यों को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित ‘दुर्लभ खनिज कॉरिडोर’ स्थापित करने में सहायता करने का प्रस्ताव करती है। उन्होंने तमिलनाडु और केरल में पश्चिमी घाट में पोडिगई मलाई में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ माउंटेन ट्रेल, पुलिकत झील (आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा) के किनारे बर्ड वाचिंग ट्रेल्स और आदिचनल्लूर (तमिलनाडु में) के पुरातात्विक स्थल के विकास की भी घोषणा की।
सीतारमण ने शहरों को भारत के विकास इंजन की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा जोर, छोटे और मझोले शहरों, धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण नगरों के विकास पर है। बजट में इन शहरों के आर्थिक क्षेत्रों के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे तमिलनाडु, बंगाल, असम और केरल के प्रसिद्ध मंदिरों वाले शहरों के बुनियादी ढांचे में सुधार हो सकता है। बजट में 100 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की भी घोषणा की गई है, जिससे चुनावी राज्यों विशेष रूप से बंगाल को फायदा होगा।
बंगाल के लिए बजट में हुगली जिले के डंकुनी को गुजरात के सूरत से जोड़ने वाले एक नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, दुर्गापुर में एक प्रमुख नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक कॉरिडोर, बंगाल सहित पांच पूर्वोदय राज्यों में पर्यटन स्थलों का निर्माण और 4,000 ई-बसों के लिए प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है। असम के तेजपुर और झारखंड के रांची में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है।
बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे तटीय राज्यों के लिए प्रावधान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय जहाजों द्वारा विशेष आर्थिक जोन (ईईजेड) और गहरे समुद्र में पकड़ी गई मछली पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। तीनों ही राज्यों में हाल के महीनों में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मछली का विदेशी बंदरगाहों पर उतरना माल का निर्यात माना जाएगा।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास करेगी और तटीय क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी। इससे समुद्री उत्पादों, विशेष रूप से झींगे के निर्यातकों को भी मदद मिल सकती है। इससे विशेष रूप से तेलुगु देशम पार्टी के शासन वाले आंध्र प्रदेश को फायदा होगा, जो अमेरिकी टैरिफ के कारण प्रभावित हुआ है। एक अन्य प्रस्ताव में सीतारमण ने कहा, ‘हम अपने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का समर्थन करेंगे।’
बजट में प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया है, जिसे असम और पश्चिम बंगाल में चाय श्रमिकों, विशेष रूप से महिलाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2024-25 और 2025-26 के लिए पेश किया गया था। वित्त मंत्री ने असम सहित बौद्ध सर्किट को विकसित करने और पूर्वोदय राज्यों में पर्यटन के लिए योजनाओं की भी घोषणा की है।