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UPI का जलवा बरकरार: जनवरी में ₹28.33 लाख करोड़ का हुआ ट्रांजैक्शन, हर दिन ₹70 करोड़ का लेनदेन

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मूल्य के लिहाज से जनवरी में लेन-देन 1.3 प्रतिशत बढ़कर 28.33 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि दिसंबर में यह 27.97 लाख करोड़ रुपये था

Last Updated- February 02, 2026 | 6:22 AM IST
UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

UPI Transactions: जनवरी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन में 0.32 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई और यह आंकड़ा 21.70 अरब तक पहुंच गया, जबकि दिसंबर में यह 21.63 अरब था।

मूल्य के लिहाज से जनवरी में लेन-देन 1.3 प्रतिशत बढ़कर 28.33 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि दिसंबर में यह 27.97 लाख करोड़ रुपये था। जनवरी में दैनिक लेन-देन बढ़कर 70 करोड़ हो गया, जबकि दिसंबर में यह 69.8 करोड़ था। मूल्य के लिहाज से, उसी माह में यह 91,403 करोड़ रुपये रहा, जबकि दिसंबर 2025 में यह 90,217 करोड़ रुपये था। नवंबर में हुए 20.46 अरब लेनदेन और 26.32 लाख करोड़ रुपये के मूल्य की तुलना में यह वृद्धि हुई है। वार्षिक आधार पर, जनवरी 2025 की तुलना में यूपीआई लेनदेन की मात्रा में 28 प्रतिशत और मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वर्ल्डलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) रमेश नरसिम्हन ने कहा, ‘यूपीआई लगातार मजबूत संरचनात्मक गति प्रदर्शित कर रहा है। इसकी स्थिरता, अनुमानित वृद्धि जितनी ही महत्त्वपूर्ण है। प्रतिदिन 7 70 करोड़ लेनदेन के साथ, यूपीआई अब केवल एक भुगतान माध्यम नहीं रह गया है बल्कि यह एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना है जो बड़े पैमाने पर उपभोग, वाणिज्य और वित्तीय समावेशन का समर्थन करती है।’

जनवरी में तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के माध्यम से होने वाले लेनदेन में 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह दिसंबर के 38 करोड़ लेनदेन की तुलना में घटकर 37.4 करोड़ रह गया। मूल्य के लिहाज से जनवरी में यह 1.7 प्रतिशत बढ़कर 6.73 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि उससे पिछले महीने यह 6.62 लाख करोड़ रुपये था। नवंबर में 36.9 करोड़ लेनदेन के लिए यह मूल्य 6.15 लाख करोड़ रुपये था। दैनिक लेनदेन की संख्या 122.6 लाख से घटकर 120.7 लाख हो गई। दैनिक लेनदेन का मूल्य 1.6 प्रतिशत बढ़कर 21,709 करोड़ रुपये हो गया।

जनवरी में फास्टैग लेनदेन में 3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह दिसंबर के 38.4 करोड़ से घटकर 37.3 करोड़ रह गई। इसका मूल्य भी जनवरी में 2 प्रतिशत घटकर 7,385 करोड़ रुपये से 7,232 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर में यह क्रमश: 36.9 करोड़ और 7,046 करोड़ रुपये था। औसत दैनिक लेनदेन घटकर 120.5 लाख रह गया, जिसका मूल्य 233 करोड़ रुपये था।

जनवरी में आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के माध्यम से 9.9 करोड़ लेनदेन हुए, जो दिसंबर के 9.5 करोड़ लेनदेन से 4 प्रतिशत अधिक है। नवंबर में यह आंकड़ा 10.8 करोड़ था। लेनदेन का कुल मूल्य 25,907 करोड़ रुपये रहा, जबकि दिसंबर में यह 25,167 करोड़ रुपये था। नवंबर में यह 28,428 करोड़ रुपये था। दैनिक लेनदेन की संख्या इस महीने 30.8 लाख से बढ़कर 31.8 लाख हो गई, साथ ही लेनदेन का मूल्य भी 812 करोड़ रुपये से बढ़कर 836 करोड़ रुपये हो गया।

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First Published - February 2, 2026 | 6:13 AM IST

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