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उपभोक्ता सामान, वाहन की बढ़ी बिक्री

Last Updated- December 11, 2022 | 8:16 PM IST

वाहन एवं उपभोक्ता अप्लायंसेज कंपनियां साल 2020 और 2021 के दौरान लगातार दो वर्षों की सुस्ती के बाद इस साल की फसल कटाई सीजन से बिक्री में सुधार की उम्मीद कर रही हैं।
इस सीजन को क्षेत्रीय स्तर पर नए साल के शुरुआत का सीजन भी कहा जाता है। महाराष्ट्र में गुडी पडवा, कर्नाटक, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश में उगाडी और पूर्वोत्तर में बैसाखी एवं बिहू और उत्तर में चैत्र नवरात्रि के साथ ही देश भर में 1 अप्रैल से इसकी शुरुआत हो गई है।
कार, दोपहिया वाहन और उपभोक्ता अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि इस श्रेणी की मांग में साल दर साल वृद्धि दर्ज की जा रही है।
एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर एवं अन्य ड्यूरेबल उत्पादों की मांग 20 से 25 फीसदी की वृद्धि के साथ कोविड पूर्व स्तर को पार करने की उम्मीद है।
गोदरेज अप्लायंसेज के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, ‘कुल मिलाकर समग्र धारण में सुधार होने के साथ ही गुडी पडवा पर बिक्री पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर होने की उम्मीद है। इस त्योहारी सप्ताह के दौरान उद्योग की मांग में 20 से 25 फीसदी की वृद्धि हो सकती है क्योंकि इस क्षेत्र की समग्र धारणा में सुधार हुआ है।’
नंदी ने कहा कि नवंबर से फरवरी के दौरान गर्मी के उत्पादों की बिक्री नकारात्मक क्षेत्र में रहती है और उसमें तेजी दिखना पहले ही शुरू हो चुका है।
उपभोक्ता अप्लायंसेज एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के खुदरा विक्रेता विजय सेल्स के प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा कि हाल में गर्मी के अप्लायंसेज की मांग में तेजी दिखी है। इसके अलावा गुडी पड़वा के कारण अन्य श्रेणियों में की मांग को भी रफ्तार मिली है।
गुप्ता ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से हमें ग्रीष्मकालीन अप्लायंसेज की मांग में तेजी दिख रही है लेकिन गुडी पडवा के कारण मोबाइल एवं लैपटॉप जैसे उत्पादों की बिक्री और मांग को रफ्तार मिली है।’ विजय सेल्स ने विभिन्न श्रेणियों की मांग में 2019 के गुडी पडवा के मुकाबले 15 से 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। यह खुदरा विक्रेता 30 फीसदी तक छूट की पेशकश कर रहा है जो सामान्य दिनों के दौरान दी जाने वाली 20 फीसदी छूट के मुकाबले अधिक है।
वाहन कंपनियों के बीच ऐसा उत्साह और उम्मीद नहीं दिखी। सेमीकंडक्टर किल्लत के साथ-साथ आपूर्ति पक्ष की समस्याएं बरकरार रहने यात्री वाहन विनिर्माताओं की चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। मांग में लंबे समय तक सुस्ती बरकरार के कारण दोपहिया वाहनों की बिक्री रफ्तार करीब तीन साल से कमजोर है।
कार बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव का मानना है कि इस सीजन में वाहनों की आपूर्ति 2019 के मुकाबले 8 से 9 फीसदी अधिक रहने के आसार हैं।
इस बीच, दोपहिया वाहनों के खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें इस फसल सीजन में मांग बढऩे की उम्मीद है लेकिन उसकी रफ्तार इसी महीने तक बरकरार रहेगी।
हीरो मोटोकॉर्प के उत्तर प्रदेश के एक डीलर ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही के दौरान खुदरा बिक्री में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होगी। लेकिन यह कोविड पूर्व स्तर के मुकाबले काफी कम है।’

First Published - April 3, 2022 | 11:15 PM IST

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