facebookmetapixel
Advertisement
वाहन निर्माताओं का नीति आयोग को जवाब- पुराने वाहन कहां हैं, पता नहींEditorial: हादसों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और लापरवाह शहरी शासन की कहानीशास्त्री भवन को अलविदा: सत्ता के गलियारों की अनगिनत गाथाएं समेटे, खुले और जनसुलभ शासन की पहचानक्या तेल संकट के दौर में भारत की महंगाई नियंत्रण नीति जरूरत से ज्यादा सख्त है?रुपये की जोरदार वापसी, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के कदमों से मिला सहाराखुदरा निवेशकों का उत्साह पड़ा फीका, लगातार तीसरे महीने धीमी रही नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तारAI जुनून का चरम है स्पेसएक्स का आईपीओ, जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने जताई बड़ी आशंकापैसिव फंड्स पर सेबी की सख्ती! ETF और इंडेक्स फंड्स के लिए भी आ सकता है 50% ओवरलैप नियमपश्चिम एशिया संकट से बढ़ा दबाव, उर्वरक सब्सिडी बिल ₹3 लाख करोड़ के पार जाने के आसारRBI का बड़ा निर्देश: AI साइबर खतरों का जून अंत तक आकलन करें बैंक

GQG पार्टनर्स ने भारती एयरटेल में खरीदी हिस्सेदारी

Advertisement

GQG ने भारती एयरटेल में 5,187 करोड़ रुपये में सिंगटेल की हिस्सेदारी खरीदी, भारत पर निवेश दांव बढ़ाया

Last Updated- March 07, 2024 | 10:07 PM IST
Bharti Airtel

न्यूयॉर्क स्थित वैश्विक इक्विटी निवेश फंड GQG पार्टनर्स ने गुरुवार को भारती एयरटेल में 5,187 करोड़ रुपये में सिंगापुर टेलीकम्युनिकेशंस की हिस्सेदारी खरीदकर भारत पर अपना निवेश दांव बढ़ाया है। स्टॉक एक्सचेंजों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारती एयरटेल में सिंगटेल ने 0.87 प्रतिशत हिस्सेदारी 71.1 करोड़ डॉलर में बेची, जिसमें GQG के अलावा अन्य निवेशक भी शामिल हुए।

फंड ने आज रियल्टी दिग्गज मैक्रोटेक डेवलपर्स में भी अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी, जिसके साथ ही भारतीय कंपनियों में उसका कुल निवेश बढ़ गया है। साथ ही कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किया है, क्योंकि उसने 5 जुलाई 2023 और 4 मार्च 2024 के बीच कई सौदों के जरिये अस्पताल श्रृंखला मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट में अपनी 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

GQG पार्टनर्स पिछले साल मार्च में उस वक्त सुर्खियों में आ गई थी जब उसने अदाणी समूह की सूचीबद्ध चार कंपनियों में 15,446 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे। अदाणी शेयरों पर यह दांव ऐसे समय में लगाया गया था जब समूह के शेयरों में हिंडनबर्ग रिसर्च की विपरीत रिपोर्ट के कारण बिकवाली हावी थी।

तब से, GQG ने अदाणी समूह के शेयरों में अपना निवेश बढ़ाया है और उसके शुरुआती निवेश का मूल्य अब बढ़कर 10 अरब डॉलर हो गया है। अदाणी शेयरों में तेजी की वजह से GQG के चेयरमैन एवं मुख्य निवेश अधिकारी राजीव जैन द्वारा किए गए निवेश को फायदेमंद सौदा माना गया है। 23 साल के लंबे अनुभव के बाद जून 2016 में जैन से फर्म की स्थापना की थी।

वह वोंटोबेल ऐसेट मैनजमेंट के सह-मुख्य कार्याधिकारी एवं मुख्य निवेश अधिकारी भी रह चुके हैं। फोर्ब्स के अनुसार, 56 वर्षीय जैन की नेटवर्थ 4.2 अरब डॉलर पर अनुमानित है। भारत में जन्मे जैन 90 के दशक के शुरू में अमेरिका चले गए थे।

मीडिया के साथ एक ताजा साक्षात्कार में जैन ने कहा कि दुनिया में कुछ ही बड़े एवं उभरते बाजार हैं और भारत इनमें से एक है। जैन ने इस साल फरवरी में सीएनबीसीटीवी18 को बताया, ‘पिछले पांच वर्षों के दौरान भारत में सभी उभरते बाजारों में सबसे शानदार आय वृद्धि में से एक दर्ज की गई।’

पिछले साल के दौरान GQG पार्टनर्स ने आईटीसी, पतंजलि फूड्स और जीएमआर एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया था। गुरुवार को GQG पार्टनर्स को नए सौदे के संबंध में भेजे गए ईमेल संदेश का कोई जवाब नहीं मिला है।

इस बीच, सिंगटेल ने आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह GQG में अपना हिस्सा बेचने के बाद एयरटेल में लगभग 24.7 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बनाए रखेगी। सिंगटेल ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी आर्थर लांग ने कहा, ‘हम एयरटेल के शेयरधारक आधार में GQG जैसा प्रख्यात नाम जुड़ने और 0.71 अरब डॉलर जुटाए जाने से उत्साहित हैं।’

Advertisement
First Published - March 7, 2024 | 10:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement