facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज में बारूदी सुरंगों का जाल: समंदर की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर यह क्यों है एक गंभीर खतरा?Gen Z का गुस्सा? राघव चड्ढा का BJP में जाना युवाओं को नहीं आया रास, 24 घंटे में घटे 14 लाख फॉलोअर्स!IDFC First Bank Q4 Results: नेट प्रॉफिट ₹319 करोड़ पर पहुंचा, ₹NII 15.7% बढ़कर 5,670 करोड़ के पारSBI vs ICICI vs HDFC Bank: 20 साल के लिए लेना है ₹30 लाख होम लोन, कहां मिलेगा सस्ता?‘पोर्टेबल KYC से बदलेगा निवेश का अंदाज’, वित्त मंत्री ने SEBI को दिया डिजिटल क्रांति का नया मंत्रबीमा लेते वक्त ये गलती पड़ी भारी, क्लेम रिजेक्ट तक पहुंचा सकती है सच्चाई छुपानाआसमान से बरस रही आग! दिल्ली से लेकर केरल तक लू से लोग परेशान, IMD ने जारी की नई चेतावनीपेटीएम की दोटूक: RBI की कार्रवाई का बिजनेस पर कोई असर नहीं, कामकाज पहले की तरह चलता रहेगाअमेरिका में बड़ा बवाल! H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का बिल पेश, भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर की आशंकाUpcoming Rights Issue: अगले हफ्ते इन 4 कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदने का मौका, चेक करें पूरी लिस्ट

Go First को NCLT से मिली 60 दिन की मोहलत

Advertisement

दिवालिया प्रक्रिया के लिए गो फर्स्ट को यह तीसरी बार मोहलत दी गई है।

Last Updated- April 08, 2024 | 11:04 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) ने सोमवार को गो फर्स्ट को उसकी दिवालिया प्रक्रिया पूरी करने के लिए अन्य 60 दिन का समय दिया। एनसीएलटी द्वारा यह मोहलत एस्सार स्टील मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर आधारित थी, जिसमें विशेष परिस्थितियों में इस तरह की रियायत की अनुमति दी गई।

दिवालिया प्रक्रिया के लिए गो फर्स्ट को यह तीसरी बार मोहलत दी गई है। एनसीएलटी ने बंद पड़ी एयरलाइन गो फर्स्ट की दिवालिया प्रक्रिया 23 नवंबर 2023 को 90 दिन तक बढ़ाई थी। रियायत की अवधि 6 नवंबर 2023 से शुरू हुई और 4 फरवरी 2024 को समाप्त हुई। तब गो फर्स्ट ने 4 फरवरी से 4 अप्रैल 2024 तक की मोहलत मांगी थी।

आईबीसी की धारा 12(1) के अनुसार, दिवालिया प्रक्रिया 180 दिन या 90 दिन की विस्तारित अवधि के अंदर पूरी की जानी चाहिए और इसे 330 दिन में पूरा किया जाना अनिवार्य है, जिसमें रियायत की अवधि तथा कानूनी प्रक्रिया में लगने वाला कुल समय शामिल है।

सोमवार को एयरलाइन के रिजोल्यूशन पेशेवर ने सोमवार को एस्सार स्टील के फैसले का हवाला देते हुए इस मोहलत को उचित ठहराया और कहा कि समाधान योजना निष्कर्ष के करीब है। वहीं, पट्टेदारों ने गो फर्स्ट को मिली मोहलत का विरोध किया है।

एनसीएलटी ने एयरलाइन का समर्थन किया और उसे अतिरिक्त समय दे दिया। गो फर्स्ट ने 2 मई, 2023 को आईबीसी की धारा 10 के तहत वोलंटरी इनसॉल्वंसी के लिए आवेदन किया था और 10 मई को एनसीएलटी ने एयरलाइन के दिवालिया आवेदन को स्वीकार कर लिया था।

गो फर्स्ट की विमान पट्टादाता ने तब यह कहते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील पंचाट (एनसीएलएटी) में एनसीएलटी के आदेश को चुनौती दी कि विमान उसे लौटाए जाने चाहिए, क्योंकि रियायती अवधि शुरूहोने से पहले ही लीज समझौता समाप्त हो गया था।

 

Advertisement
First Published - April 8, 2024 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement