Mutual Fund NFO: एसेट मैनेजमेंट कंपनी मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड (MOMF) के नए फंड ‘मोतीलाल ओसवाल डायवर्सिफाइड इक्विटी फ्लेक्सीकैप पैसिव फंड ऑफ फंड्स’ का सब्सक्रिप्शन शुरू है। यह एक ओपन-एंडेड FoF है, जो पैसिव फंड्स में निवेश करेगा और लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में संतुलित निवेश का अवसर देगा। NFO बीते 2 जनवरी से खुल गया है और 15 जनवरी 2026 को बंद होगा।
एसेट मैनेजमेंट कंपनी का कहना है कि इस फंड में NFO के दौरान ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं। रेगुलर आधार पर ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है। इस फंड में एग्जिट लोड आवंटन की तारीख से 15 दिन के भीतर निकलने पर 1 फीसदी है। उसके बाद कोई एग्जिट लोड नहीं है।
मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड की स्कीमों के बीच स्विच करने पर एग्जिट लोड लागू होगा, लेकिन एक ही स्कीम के भीतर विकल्प बदलने पर कोई लोड नहीं लगेगा। इस फंड का बेंचमार्क इंडेकस निफ्टी 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स है। इस फंड का प्रबंधन स्वप्निल मायकर (इक्विटी) और राकेश शेट्टी (डेट) करेंगे।
म्युचुअल फंड हाउस का कहना है कि वे निवेशक जो लंबी अवधि के लिए इक्विटी आधारित पैसिव निवेश के जरिए कैपिटल एप्रिसिएशन चाहते हैं, उनके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यह स्कीम उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है, जो यह तय नहीं कर पाते कि किस समय किस मार्केट-कैप सेगमेंट में निवेश करना चाहिए। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि अलग-अलग समय पर लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों का प्रदर्शन बदलता रहता है और किसी एक सेगमेंट का लंबे समय तक दबदबा नहीं रहता।
फंड हाउस का कहना है कि फंड का मकसद पैसिव फंड्स जैसे ईटीएफ और इंडेक्स फंड्स में निवेश कर लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। हालांकि, निवेश मकसद पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है।
मोतीलाल ओसवाल एएमसी में पैसिव फंड्स के बिजनेस हेड प्रतीक ओसवाल ने कहा कि बाजार में यह अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि अगला बेहतर प्रदर्शन कौन-सा सेगमेंट करेगा। यह फंड उसी अटकलों को खत्म करने के लिए बनाया गया है और निवेशकों को एक अनुशासित स्ट्रक्चर में बाजार के अलग-अलग दौर में भागीदारी का अवसर देता है।
मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के अनुसार, अलग-अलग समय में अलग-अलग मार्केट-कैप सेगमेंट बेहतर प्रदर्शन करते हैं। लार्ज-कैप तनाव के समय स्थिर रहते हैं, जबकि मिड और स्मॉल कैप तेजी के दौर में ज्यादा ग्रोथ दिखाते हैं। इस वजह से बराबर वेटेज वाला निवेश मॉडल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
इस फंड की स्ट्रैटेजी सरल और नियम-आधारित है। इसमें शुरुआत में लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप में एक-तिहाई (33-33-33%) निवेश किया जाएगा। हर तिमाही निवेश की समीक्षा की जाएगी और अगर किसी सेगमेंट का वेटेज टारगेट से 5 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर या नीचे जाता है, तो पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित किया जाएगा। इससे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट से मुनाफा निकाला जाएगा और कमजोर सेगमेंट में निवेश बढ़ाया जाएगा।
यह स्कीम इंडेक्स फंड और ईटीएफ जैसे पैसिव फंड्स में निवेश करेगी, जिससे निवेशकों को पूरे बाजार में व्यापक एक्सपोजर मिलेगा। इससे उन फ्लेक्सीकैप फंड्स की समस्या से भी बचाव होगा, जिनमें अक्सर लार्ज-कैप शेयरों का ज्यादा झुकाव देखा जाता है।
(डिस्क्लेमर: यहां एनएफओ की डीटेल दी गई है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधित फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)