facebookmetapixel
Advertisement
NSE IPO का साइज घटकर ₹25,000 करोड़ हो सकता है, शेयर बेचने से पीछे हटे कुछ निवेशकReliance Share: अगले 6 महीने में तीन बड़े ट्रिगर, ब्रोकरेज को 33% तेजी की उम्मीदIT शेयर में भारी बिकवाली! निफ्टी IT 4% टूटा, कोफोर्ज में 9% की गिरावट; एक्सपर्ट क्या बोले?भारत की कार्बन क्रेडिट स्कीम को यूके से मिली मंजूरी, निर्यातकों के लिए इसके क्या मायने हैं?वायर-केबल शेयरों में बढ़ा मुकाबला! अल्ट्राटेक की एंट्री के बाद इन 3 शेयरों पर ब्रोकरेज ने बदली चालNSE के सस्ते IPO की खबर से BSE में खलबली! शेयर 4% टूटा, ब्रोकरेज ने बताया अगला टारगेटअदाणी के एयरपोर्ट कारोबार पर बड़ा दांव! ब्लैकरॉक-टेमासेक लगाएंगे ₹9,825 करोड़कोफोर्ज में बड़ा फेरबदल! चेयरमैन ओपी भट्ट ने दिया इस्तीफा, आंतरिक ऑडिट में बोर्ड रिपोर्ट से जुड़ी खामियां सामने आईंEPFO ने आसान किया पीएफ निकालना! 3 कैटेगरी में बंटे नए नियम, बीमारी से घर तक के लिए ऐसे मिलेगा पैसाशेयर बाजार में हाहाकार! 3 दिन में निवेशकों के ₹3.12 लाख करोड़ डूबे; अब आगे क्या?

Glyphosate पर अगले आदेश तक नहीं रहेगा प्रतिबंध

Advertisement

भारत में चाय के बागानों में कीट नियंत्रण के लिए ग्लाइफोसेट का ज्यादातर इस्तेमाल होता है।

Last Updated- July 23, 2023 | 11:32 PM IST
Pesticide ban

सरकार ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि ग्लाइफोसेट (Glyphosate) का इस्तेमाल सिर्फ कीट नियंत्रण ऑपरेटरों (पीसीओ) के माध्यम से ही करने की अधिसूचना अगले आदेश तक लागू नहीं की जाएगी। न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 7 दिसंबर तय की है।

कुछ दिन पहले यह मामला न्यायालय में सुनवाई के लिए आया था, उसके बाद केंद्र ने इस मामले में 4 महीने के स्थगन की मांग की थी और कहा था कि अधिसूचना की समीक्षा चल रही है।

इसमें यह भी कहा गया है कि न्यायालय में सरकार ने नवंबर 2022 में जो कहा था, उसके मुताबिक ग्लाइफोसेट की अधिसूचना को 3 महीने के लिए टाला गया है, इसकी अवधि अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दी गई है।

पिछले साल नवंबर में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा दी थी, जिसमें ग्लाफोसेट का इस्तेमाल सिर्फ पीसीओ तक सीमित था। न्यायालय ने केंद्र को अपने फैसले की समीक्षा करने और सभी हिस्सेदारों से बात कर इसका समाधान निकालने को कहा था।

मनुष्यों और पशुओं की सेहत को नुकसान होने के डर से ग्लाइफोसेट का इस्तेमाल औपचारिक रूप से सीमित किए जाने को लेकर उद्योग संगठनों ने आपत्ति जताई थी, उसके बाद न्यायालय का फैसला सामने आया।

भारत में चाय के बागानों में कीट नियंत्रण के लिए ग्लाइफोसेट का ज्यादातर इस्तेमाल होता है। अनचाही वृद्धि पर काबू पाने के लिए भी गैर-फसली इलाकों में ग्लाइफोसेट का इस्तेमाल होता है।

Advertisement
First Published - July 23, 2023 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement